Category Archives: दुनिया

राधे मां पर भोपाल में धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने की शिकायत

तथाकथित धर्मगुरू राधे मां के खिलाफ भोपाल में भी पुलिस में एक शिकायत की गई है जिसमंे कहा गया है कि उन्होंने लोगों की धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाया है। इस तरह की शिकायत भोपाल के कमला नगर थाने में दर्ज कराई गई है।

राधे मां मुंबई पुलिस से भाग रही हैं और उनके खिलाफ मुंबई पुलिस ने लुकआउट नोटिस जारी कर रखा है। उनके खिलाफ मुंबई के बोरीवेली थाने में मामला दर्ज है जिसमें पुलिस को उनकी तलाश है। भोपाल में एक वकील आरके पांडे ने शनिवार को पुलिस को एक लिखित शिकायत दी है जिसमें राधे मां के बारे में कहा है कि उन्होंने खुद को मां के रूप में प्रचारित कर लोगों की भावनाओं से खेला है। साथ ही उन्होंने हिंदू धर्म की गरिमा को भी ठेस पहुंचाई है। उनके आपत्तिजनक फोटो और वीडियो समाचार पत्रों व न्यूज चैनलों पर देखकर लोगों की भावनाओं को काफी नुकसान हुआ है। उन्होंने कहा है कि राधे मां अपना नाम सुखविंदर कौर से बदलकर राधे मां रखा है।

अतिवर्षा से हुआ रेल हादसा

रेल मंत्री सुरेश प्रभू ने कहा कि हरदा का रेल हादसा अतिवर्षा के कारण हुआ है। वहां का मौसम खराब है और इसलिए मैं वहां अभी जा नहीं पा रहा हूं, जैसे वहां जाने के लिए स्थिति अनुकूल होगी मैं पहुंचकर जायजा लूंगा।
रेल मंत्री ने कहा कि हरदा में हुए रेल हादसा पर वे रातभर से नजर रखें हैं। रातभर वे सोए नहीं हैं। उनके साथ तकनीकी अधिकारी भी आए हैं जो एक्सीडेंट के कारणों की जांच करेंगे लेकिन अभी तक एक्सीडेंट के पीछे कोई तकनीकी खामी सामने नहीं आई है। यह केवल अतिवर्षा के कारण हुआ है।
सुरेश प्रभू ने कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह द्वारा रेल हादसों के बाद रेल मंत्रियों के इस्तीफे की परंपरा को लेकर कहा कि वे गौतम बुद्ध और अन्य की तरह महान बन चुके हैं। उनकी टिप्पणी पर वे कोई कमेंट नहीं करना चाहेंगे।

पाकिस्‍तान भारत के खिलाफ आतंकवाद फैला रहा है, आतंकवाद का समर्थन कर रहा है

पाकिस्‍तान की जांच एजेंसी के पूर्व प्रमुख तारिक खोसा ने कहा है कि 2008 के मुंबई आतंकी हमलों का षडयंत्र पाकिस्‍तान में रचा गया था और वहीं से इन हमलों को अंजाम दिया गया था।

मिसाइल मैन व पूर्व राष्ट्रपति कलाम सुपुर्दे खाक

भारत के पूर्व राष्ट्रपति और मिसाइल मैन के नाम से पुकारे जाने वाले स्व. एपीजे अब्दुल कलाम को आज राजकीय सम्मान के साथ उनके तमिलनाडु के गृहनगर रामेश्वरम में सुपुर्देखाक कर दिया गया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित करने के लिए रामेश्वरम पहुंचे।

कलाम के शव को अंतिम दर्शन के लिए रखे जाने के बाद आज उसे उनके परिजनों को सौंप दिया गया। इसके बाद उनके अंतिम संस्कार की तैयारी शुरु हुई। रामेश्वरम में उन्हें अंतिम विदाई देने के लिए पूरा शहर जमा था। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय मंत्री वेंकैया नायडु व मनोहर पार्रिकर के साथ रामेश्वरम पहुंचे थे। विमानतल पर उनकी अगवानी राज्यपाल डॉ. के रोसैया ने की। मोदी ने वहां पहुंचकर डॉ. कलाम के शोकाकुल परिजनों को ढांढस बंधाया और ईश्वर से प्रार्थना की मृतात्मा को अपने चरणों में स्थान दे।

संजीव चतुर्वेदी और अंशु गुप्ता को मैगसेसे पुरस्कार

भारतीय वन सेवा के अधिकारी संजीव चतुर्वेदी और गूंज एनजीओ संस्था के संस्थापक अंशु गुप्ता को 2015 का रमन मैगसेसे पुरस्कार दिया गया है। चतुर्वेदी भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ते रहे हैं तो गुप्ता गरीबों को पुराने कपड़े पहुंचाते हैं।

2002 बैच के आईएफएस अधिकारी संजीव चतुर्वेदी शुरू से ही भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ते आ रहे हैं। पिछले पांच साल में उनके 12 तबादले हो चुके हैं और यही नहीं उनके खिलाफ अपराधिक प्रकरण भी पंजीबद्ध कराए गए हैं। हुड्डा सरकार के खिलाफ भ्रष्टाचार की लड़ाई लड़ने वाले चतुर्वेदी ने एम्स में भ्रष्टाचार का मामला खोला था जिसके बाद उन्हें एम्स से हटा दिया गया। अभी वे एम्स के डिप्टी सेक्रेटरी हैं।
वहीं मेग्सेसे पुरस्कार से नवाजे दूसरे व्यक्ति अंशु गुप्ता की संस्था गूंज ने गरीबों को उनका तन ढंकने के लिए सैकड़ों टन कपड़े उपलब्ध कराए हैं। कपड़े देने की शुरूआत 67 कपड़ों से 1998 में हुई थी जिसके लिए आज 21 राज्यों में गूंज के कलेक्शन सेंटर हैं।
भारत के किन्हें अब तक मिले मेग्सेसे
मदर टेरेसा (1962), जयप्रकाश नारायण (1965), सत्यजीत रे (1967), किरण बेदी (1994), महाश्वेता देवी (1997, जेम्स माइकल लिंगदोह (2003), वी शांता (2005), अरविंद केजरीवाल (2006) और पी साईंनाथ (2007) के नाम हैं।

तालिबान के सरगना मुल्‍ला मोहम्‍मद उमर की मौत हो चुकी है

अफगानिस्‍तान के अधिकारियों ने कहा है कि अफगानिस्‍तान तालिबान के सरगना मुल्‍ला मोहम्‍मद उमर की मौत हो चुकी है, लेकिन आतंकी गुट ने इस दावे पर कोई टिप्‍पणी नहीं की है।

देश की अदालत को सलाम, रात में जागकर दिया फैसला

मुंबई बम धमाकों में ढाई सौ लोगों की जानें गईं जिनमें ज्यादातर बच्चे थे। इन बच्चों के परिवार जान को देश की न्याय व्यवस्था पर भरोसा है और शायद यही वजह रही कि उन्होंने कभी न तो कोई धरना दिया, न ही प्रदर्शन किया। मगर उन्हें उम्मीद थी कि हमारी न्याय व्यवस्था ऐसे लोगों को कभी नहीं छोड़ेगी, चाहे उसमें कितनी भी देरी क्यों न हो जाए।
इन पीड़ित परिवारों का दर्द कानून के जानकारों या मुंबई बम धमाके में दोषी करार दिए गए याकूब मेनन के पक्ष में बयान देने वालों ने न तो देखा है और न कभी उसे जानने का प्रयास किया है। उन्हें चिंता थी तो ढाई सौ लोगों की जान लेने के उस दोषी की कि किसी तरह उसे फांसी से बचा लिया जाए। कानून के जानकारों ने अपनी नींद की परवाह किए बिना अदालत को भी सोने नहीं दिया। फांसी दिए जाने की रात अदालत को खुलवाया और फिर कानूनी दलीलों के बीच फांसी रुकवाने में कोई कसर नहीं छोड़ी।
ये लोग यह भी जानते थे कि जब देश की सर्वोच्च न्यायालय एकबार फैसला दे चुकी है तो भी वे बार-बार किसी न किसी बहाने से अदालत के दरवाजे पहुंचे। क्या कभी इन लोगों को बम धमाकों में मारे गए बच्चों व अन्य लोगों के परिजनों की चिंता हुई कि वे उन्हें उनके हक का मुआवजा या अन्य चीजें मुहैया हुईं कि नहीं। क्या कभी उन्होंने उन परिवारों की हालत जानने की कोशिश की कि वे अब किस हाल में हैं। शायद नहीं। तो क्या हमें दोषियों के रक्षा के पहले ऐसे लोगों के बारे में भी नहीं जानना चाहिए। यह तो भला हो कि हमारी न्याय व्यवस्था ने ऐसे पीड़ितों के भरोसे को कायम रखने में पूरा जिम्मेदारी निभाई, नहीं तो ये लोग तो टूट ही जाते। हम हमारी न्याय व्यवस्था को सलाम करते हैं।

कानूनी मोहर लगने के बाद तड़के फांसी पर लटका याकूब

मुंबई बम धमाकों में ढाई सौ से ज्यादा लोगों की जान लेने वाले याकूब मेनन को सर्वोच्च न्यायालय ने तड़के चार बजकर पचपन मिनिट पर फांसी पर लटकाए जाने के अपने फैसले पर मोहर लगाई और इसके करीब डेढ़ घंटे बाद नागपुर जेल में उसे फांसी पर लटका दिया गया। इससे जहां भारत की न्याय व्यवस्था ने एकबार फिर साबित कर दिया कि किसी अपराधी को भी सजा दिए जाने के पहले उसकी दलीलों को पूरा सुना जाता है और फिर सजा सुनाई जाती है।
देश के इतिहास में पहली बार सुप्रीम कोर्ट फांसी होने के करीब साढ़े तीन घंटे पहले किसी केस सुनवाई के लिए अदालत में बैठी और दोषी व्यक्ति की दलीलों को सुना। तीन न्यायाधीशों दीपक मिश्रा, प्रफुल्ल पंत, अमिताव रॉयल की बैंच अलसुबह करीब तीन बजे सुप्रीमकोर्ट के लिए रवाना हुए और उन्होंने याकूब की फांसी पर रोक लगाने की दलील पेश करने वाले आनंद ग्रोवर, प्रशांत भूषण, इंदिरा जयसिंह को सुना। अंत में चार बजकर पचपन मिनिट पर सुप्रीमकोर्ट ने उनकी दलीलों में कोई नई बात नहीं होने की बात कहते हुए फांसी का फैसला बरकरार रखा।
वहीं तड़के साढ़े छह बजे नागपुर जेल में याकूब को फांसी दिए जाने के लिए रात से ही जेल प्रशासन की तैयारियां चल रही थीं। सुबह पांच बजे जब सुप्रीमकोर्ट का फैसला आया तो याकूब को उसके बारे में बताया गया। इसके बाद उसने नमाज पढ़ी और डॉक्टरों ने उसका चेकअप किया। निर्धारित समय पर उसे फांसी दे दी गई। इस बीच नागपुर और मुंबई में हाईअलर्ट घोषित कर दिया गया था और कड़ी सुरक्षा के इंतजाम थे।

याकूब मेनन को गुरुवार को फांसी होगी

मुंबई बम कांड के दोषी याकूब मेनन की फांसी को सुप्रीम कोर्ट ने बरकरार रखा है। याकूब को गुरुवार को सुबह फांसी दी जाएगी।
सुप्रीमकोर्ट ने याकूब की फांसी में क्यूरेटिव पीटिशन को सही ठहराते हुए यह फैसला सुनाया। सुप्रीमकोर्ट ने दोनों पक्षों को सुनने के बाद यह फैसला दिया है। गौरतलब है कि मंगलवार को सुप्रीमकोर्ट के दो न्यायाधीशों में मतभिन्न्ता के कारण मुख्य न्यायाधीश एचएल दत्तू ने तीन जजेस दीपक मिश्रा, अमिताव रॉय और प्रफूल्ल पंथ की नई पीठ का गठन किया था।
सुप्रीमकोर्ट की तीन सदस्यीय पीठे के याकूब मेनन को फांसी दिए जाने की सजा बरकरार रखे जाने का फैसला दिए जाने के बाद महाराष्ट्र सरकार ने कानून व्यवस्था की स्थिति की समीक्षा की है। अब याकूब मेनन को गुरुवार को सुबह फांसी दी जाएगी।

अनंतनाग में आतंकी हमला, आठ लोग घायल

पंजाब में आतंकी हमले के बाद अब जम्मू-कश्मीर के अनंतनाग में आतंकियों ने हमला किया है। इसमें आठ लोगों के घायल होने की जानकारी है।

जम्मू-कश्मीर में सीआरपीएफ के वाहन को आतंकियों ने टारगेट बनाया। इसमें सवार सीआरपीएफ़ के जवान घायल हो गए। वहीं हमले के बाद क्षेत्र में सेना ने तलाशी अभियान शुरू कर दिया है। गौरतलब है कि दो दिन पहले ही पंजाब के गुरदासपुर में आतंकियों ने हमला किया था।

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