बच्चों की उपस्थिति के साथ पढ़ाई में एकाग्रता भी बढ़ी

स्वास्थ्य विभाग द्वारा इस वर्ष प्रदेश के 2 लाख 44 हजार संस्थाओं के 2 करोड़ 58 लाख से अधिक छात्र-छात्राओं को कृमि-नाशक दवा खिलाई गई है। राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस 9 फरवरी और मॉप-अप दिवस पर अभियान के रूप में एक से 19 वर्ष की उम्र तक के बच्चों को कृमि-नाशक गोली का सेवन करवाया गया। कृषि-नाशन के लिये एलबेण्डाजोल गोली शासकीय, शासकीय अनुदान प्राप्त शालाओं, आदिवासी छात्रावासों, आश्रम-शालाओं, निजी, केन्द्रीय, नवोदय विद्यालय और आँगनवाड़ी केन्द्रों के माध्यम से खिलाई गई। लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग ने राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस और मॉप-अप दिवस पर अभियान के रूप में प्रदेश के बच्चों को एलबेण्डाजोल का सेवन करवाया गया। देखा गया है कि पेट में कीड़ों के नष्ट होने से बच्चों की स्कूलों में 25 प्रतिशत तक उपस्थिति बढ़ जाती है। स्वास्थ्य और एकाग्रता बढ़ने से पढ़ाई भी अच्छी होती है। कृमि-नाशन से सम्पूर्ण स्वास्थ्य पोषण स्तर की बढ़ोत्तरी के साथ एनीमिया की रोकथाम भी होती है। स्वास्थ्य विभाग ने अभियान के व्यापक क्रियान्वयन के लिये सभी 51 जिलों में स्कूल शिक्षा विभाग, आदिम-जाति कल्याण, एकीकृत बाल विकास सेवाएँ,
निजी विद्यालय संगठन, केन्द्रीय विद्यालय और मदरसों की सहभागिता भी सुनिश्चित की।

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