Category Archives: दुनिया

कार्यकारी निदेशक देवजानी मुखर्जी को राहत

उच्‍चतम न्‍यायालय ने करोड़ों रूपये के चिटफंड घोटाले में शारदा समूह की कार्यकारी निदेशक देवजानी मुखर्जी को  राहत देने से इंकार कर दिया है। जेल में बन्‍द देवजानी मुखर्जी ने मुकदमे की सुनवाई जल्‍दी जल्‍दी करने की याचिका दायर की थी।

न्‍यायालय ने कहा कि सी बी आई उसके आदेश पर काम कर रही है, इसलिए याचिका में कोई दम नहीं है। शारदा ग्रुप के मुख्‍य प्रबंध निदेशक सुदीप्‍त सेन और कार्यकारी निदेशक देवजानी मुखर्जी चिटफंड घोटाले के सिलसिले में जेल में हैं।

दसवें विश्व हिन्दी सम्मेलन का समापन, अब मॉरीशस में होगा 11 वां सम्मेलन

भोपाल में आयोजित दसवें विश्व हिन्दी सम्मेलन का समापन हो गया। इसके समापन समारोह में अगला सम्मेलन के लिए मॉरीशस को मेजबानी सौंपी गई है। इसके पूर्व मॉरीशस में 1076 में दूसरा व 1003 में चौथा सम्मलेन हो चुका है।

दसवें विश्व हिन्दी सम्मेलन के समापन समारोह में फिल्म अभिनेता अमिताभ बच्चन को आना था लेकिन उनके दांतों की सर्जरी के कारण वे नहीं आ सके। उन्होंने आयोजन समिति के अनिल माधव दवे को पत्र लिखकर माफी भी मांगी है। उनके नहीं आने से यह कयास लगाए जा रहे थे कि समापन समारोह का आकर्षण कम हो जाएगा लेकिन वैसा नहीं रहा। भव्य तरीके से इसका समापन हुआ जिसमें विदेशी हिन्दी सेवियों का सम्मान भी किया गया।

समापन समारोह में केंद्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि हमारी हिन्दी न केवल राजभाषा है बल्कि यह संपर्क भाषा भी है। इसको जिंदा रखने में गिरमिटिया देशों की अहम भूमिका है। सिंह ने हिन्दी को भारतीय भाषाओं की बड़ी बहन बताते हुए कहा कि आज तकनीकी कंपनियों को हिन्दी के प्रति काफी प्रेम दिखाई दे रहा है। यह उनका हिन्दी प्रेम व्यवसायिक हितों के कारण है। उन्होंने अफसोस जाहिर किया कि हिन्दी को हम राष्ट्र भाषा के रूप मंे लोगों के दिल में नहीं बैठा पाए। इसके लिए उन्होंने राजनीतिक इच्छाशक्ति की कमजोरी बताया।

इसके पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने समापन के मौके पर कहा कि प्रदेश में अब हर साल 14 सितंबर को हिन्दी सम्मेलन का आयोजन किया जाएगा। प्रदेश में राजभाषा विभाग को फिर से स्थापित किया जाएगा। चौहान ने कहा कि अटलबिहारी विश्व विद्यालय को अंतर राष्ट्रीय स्तर का बनाया जाएगा और सरकारी विज्ञापनों को हिन्दी में ही तैयार किया जाएगा। बाजारों में व्यापारियों को हिन्दी में ही अपने संस्थानों के नाम लिखने को प्रेरित किया जाएगा। साथ ही प्रदेश मेें जो उत्पाद बनते हैं उनमें हिन्दी में ही नाम लिखे जाने का प्रयास किया जाएगा। हिन्दी में जो अच्छा काम करेगा उसे पुरस्कृत किया जाएगा
विदेशियों का सम्मान
सम्मेलन विदेशी हिन्दी सेवी सम्मानित किए गए। इनमें अनूप भारती (ब्रिटेन), स्नेह ठाकुर (कनाडा), प्रो. हाईंस वारनाल वेस्लर (जर्मनी), अकिदा ताका हाशी (जापान), उषा देवी शुक्ल (दक्षिण अफ्रीका), कमला रानी (त्रिनिदाद टोबेका), नीलम कुमारी (फिजी, डॉ. शर्ज व्रजे (ब्राजील), अंजाला माताम व गंगाधर सिंह (मॉरीशस), दशनायक इंदिरा कुमारी (श्रीलंका), मोहम्मद इस्माइल (सउदी अरब) औरे सुर्जन पारोही (सूरीनाम)शामिल हैं।

ये हुईं सिफारिशें
0
चिकित्सा शिक्षा की पढ़ाई हिन्दी में हो।
0
शोधपत्रों का लेखन भी हिन्दी हो।
0
राजभाषा लोकपाल बनाए जाए।
0
सभी परीक्षाओं में हिन्दी को अनिवार्य किया जाए।
0
संयुक्त राष्ट्र संघ मंे हिन्दी को अधिकृत भाषा में शामिल किया जाए।
0
विदेश मंत्रालय हिन्दी में कामकाज हो।
0
विदेश मंत्रालय में हिन्दी के रिक्त पद भरे जाएं।
0
पासपोर्ट में हिन्दी में ही प्रविष्टियां की जाएं।
0
विज्ञान में हिन्दी का उपयोग किया जाए।
0
बाल साहित्य अकादमी बनाई जाए।
0
केंद्र व राज्य सरकार निजी प्रकाशकों को बाल साहित्य के लिए अनुदान दें।
0
हाईकोर्ट में शपथ पत्र और आदेश हिन्दीं में जारी हों।
0
अखबारों की मूल लिपि कमजोर नहीं की जाए।
0
राष्ट्र भाषा आयोग का गठन किया जाए।

भारत ने संयुक्‍त राष्‍ट्र में फलस्‍तीनी झंडा फहराने के पक्ष में मतदान किया।

संयुक्‍त राष्‍ट्र भवनों के सामने फलस्‍तीन का झंडा फहराये जाने की अनुमति देने के प्रस्‍ताव के पक्ष में महासभा ने जबरदस्‍त उत्‍साह से मतदान किया है। समर्थन में वोट देने वाले 119 देशों में भारत भी शामिल है।

हिन्दी भाषा की ताकत से ही मैं ज्यादा लोगों तक पहुंचा हूं: मोदी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भोपाल में विश्व हिन्दी सम्मेलन में कहा कि मैं आज हिन्दी भाषा की ताकत के कारण ही ज्यादा लोगों तक पहुंच सका हूं। मैं तो गुजराती भाषी था और चाय बेचते-बेचते हिन्दी सीख ली। आज जो हूं वह हिन्दी के कारण हूं।
विश्व हिन्दी सम्मेलन का शुभारंभ करते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने यह बात कही। उन्होंने कहा कि हिन्दी को समृद्ध बनाने के लिए हमें दूसरी भाषाओं और बोलियों की अच्छी चीजों को लेकर समय-समय पर उन्हें जोड़ना चाहिए। अगर हमें हिन्दी को बचाना है तो इसके विकास की तरफ ध्यान देना होगा। दुनिया में छह हजार भाषाएं हैं लेकिन 21 वीं सदी जाते-जाते 90 फीसदी भाषाएं विलुप्त होने की स्थिति में आ जाएंगी। आज हम जिस तरह किसी विलुप्त पक्षी या पशु या अन्य चीजों के संरक्षण के लिए खर्च की सीमा नहीं देखते और कहीं ऐसा न हो कि आने वाली पीढ़ियों को हिन्दी के लिए भी ऐसा ही कुछ करना पड़े। तब यह कहा जाए कि हिन्दी हुआ करती थी और उससे लोग कैसे अपने विचार एकदूसरे तक पहुंचाते थे।
मोदी ने कहा कि महात्मा गांधी और ऐसे ही कई अन्य लोगों ने हिन्दी के संरक्षण व संवर्द्धन के लिए काम किया है। इनमें से अधिकांश अहिन्दी भाषी रहे हैं। इसके पूर्व विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने कहा कि भोपाल में सम्मेलन के आयोजन के पीछे एक कारण यह भी है कि वे प्रदेश का लोकसभा में प्रतिनिधित्व करती हैं। अंत विदेश राज्यमंत्री वीके सिंह ने आभार व्यक्त किया। आयोजन में कई राज्यों के राज्यपाल, मुख्यमंत्री, केंद्रीय मंत्री व विदेशों से भी कई प्रतिनिधि आए।

सोनिया-राहुल का नाम लिए बिना कांग्रेस को नसीहत

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भोपाल एयरपोर्ट पर संसद को नहीं चलने देने के लिए कांग्रेस का नाम लिए बिना जमकर हमले किए। सोनिया गांधी उन पर जो हवाबाज कहकर टिप्पणी की थी, उस पर कहा ये हवालाबाज हमसे हिसाब मांग रहे हैं तो राहुल गांधी को लेकर हम संसद का सत्र अवसान नहीं चाहते और समझा था कि वे देश की आशा को समझेंगे पर एक है जो मानता नहीं।
मोदी ने कहा कि 1984 में जब हमें हार मिली थी तब हमने हार के कारणों को जानने के लिए आत्ममंथन किया था। आज जो विपक्ष मंे बैठे हैं वे उस समय हंसते थे और तत्कालीन राजीव गांधी तो मजाक उड़ाते थे कि दो या तीन बस। आज उनकी हालत यह है कि वे 400 से 40 पर आ गए हैं और हम पूर्ण वाली सरकार में हैं। आज वे भी हार के कारणों पर चिंतन मनन की जगह उसे पचा नहीं पा रहे हैं और संसद ही नहीं चलने दे रहे।
प्रधानमंत्री ने कहा कि पूरा विश्व आर्थिक संकट के दौर से गुजर रहा है और केवल हम इन परिस्थितियों में भी टिके हैं। यही ऐसा मौका है जब हम आगे बढ़ सकते हैं। विपक्ष इसका लाभ नहीं उठाने दे रहा है। वह साथ देने को तैयार नहीं है। उन्होंने कहा कि हम एक के बाद एक फैसले ले रहे हैं तो उन्हें अपनी पैरों से जमीन खिसकती नजर आ रही है।
नरेंद्र मोदी ने प्रदेश के बीजेपी संगठन की तारीफ की और कहा कि कुशाभाऊ ठाकरे, विजयाराजे सिंधिया जैसे नेताओं की नींव से यहां संगठन मजबूत स्थिति में है। इसी तरह उन्होंने मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की जमकर तारीफ की। मोदी ने कहा कि कृषि के क्षेत्र में मप्र ने काफी विकास किया है और प्रदेश की कामयाबियों से दूसरे राज्यों को सीखने को मिल रहा है। उन्होंने प्रदेश के कार्यकर्ताओं से अपील की कि वे 25 सितंबर दीनदयाल उपाध्याय जयंती से दो अक्टूबर गांधी जयंती तक विशेष सफाई अभियान चलाए।

प्रदेश के साहित्यकारों ने विश्व हिन्दी सम्मेलन की आलोचना की

मध्यप्रदेश के कुछ साहित्यकारों ने भोपाल में आयोजित हो रहे विश्व हिन्दी सम्मेलन की आलोचना करते हुए कहा कि इसे अत्याधुनिक तकनीक दिखाने का मेला बना दिया गया है। आईटी की मल्टीनेशनल कंपनियों ने इसे हाईजैक कर लिया है।
भोपाल में पत्रकारों से चर्चा करते हुए साहित्यकार राजेश जोशी, राजेंद्र शर्मा, शैलेंद्र शैली, कुमार अंबुज, कैलाश आदमी सहित कई अन्य साहित्यकारों ने यह टिप्पणी की। उन्होंने विदेश राज्यमंत्री वीके सिंह के उस बयान की निंदा भी की जिसमें उन्होंने पहले हुए विश्व हिन्दी सम्मेलनों में आने वाले साहित्यकारों को लेकर टिप्पणी की कि वे केवल शराब पीने और पेपर पढ़ने के लिए शामिल हुए थे।

विश्व हिन्दी सम्मेलन के लिए दुल्हन सा सजा लाल परेड मैदान

भोपाल के लाल परेड मैदान पर विश्व हिन्दी सम्मेलन का आयोजन गुरुवार से होने जा रहा है। इसके लिए लाल परेड मैदान दुल्हन की तरह सजा है। इसके भीतर करीब 60 हजार वर्गफीट में आयोजन के लिए सेंट्रल एसी व्यवस्था है और पूरा हाल ऐसा लग रहा है मानो किसी राजे-महाराजे का दरबार हाल हो।

विश्व हिन्दी सम्मेलन के लिए गुरुवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आ रहे हैं जो इसका शुभारंभ करेंगे। आज दिनभर लाल परेड मैदान पर भारी चहल-पहल रही। आयोजन में शामिल होने के लिए आए देश-विदशे के हिन्दी प्रेमियों सहित राष्ट्रभर से सांस्कृतिक कार्यक्रमों को पेश करने के लिए कलाकारों के दल भी पहुंच गए हैं। ये सभी आज मैदान पर आते-जाते रहे जिससे काफी गहमा-गहमी का माहौल रहा। देश-विदेश से आए लोग आयोजन स्थल की सजावट और भव्यता को देखकर आश्चर्यचकित थे। उसके सामने खड़े होकर लोग तस्वीरें उतरवा रहे थे तो कई लोगों ने सेल्फी लेकर अपनी यहां मौजूदगी दिखाने का प्रयास किया।

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने भी आज यहां तैयारियों का जायजा लिया। उनके साथ अनिल माधव दवे, मंत्री नरोत्तम मिश्रा, विश्वास सारंग, सीएस अंटोनी जेसी डिसा व डीजीपी सुरेंद्र सिंह भी थे। तैयारियां देखने के बाद उन्होंने जल्द से जल्द काम पूरा करने के निर्देश भी दिए।

मप्र को सरदार सरोवर बांध से नुकसान: मेधा पाटकर

नर्मदा बचाओ आंदोलन की प्रमुख मेधा पाटकर का कहना है कि सरदार सरोवर बांध से मध्यप्रदेश को बहुत ज्यादा नुकसान है और इसके बाद भी प्रदेश सरकार आपत्ति दर्ज नहीं कर रही है। और तो और डूब क्षेत्र में जो गांव आ रहे हैं उनको रिकॉर्ड सुरक्षित बताया जा रहा है जिससे उन गांवों के लोगों को न तो मुआवजे की पात्रता होगी न ही दूसरी जगह कोई जमीन ही मिलेगी।
पाटकर का कहना है कि सरदार सरोवर बांध परियोजना के डूब क्षेत्र से 54 गांवों को अलग कर दिया है। डूब से प्रभावित 2143 परिवार को आज तक न तो मुआवजा मिला है और न ही जमीन ही दी गई है। मेधा पाटकर ने कहा कि बांधी 17 मीटर ऊंचाई बढ़ाई जा रही है जिससे बांध 139 मीटर हो जाएगी और इससे मध्यप्रदेश के कई गांव डूब जाएंगे। उन्होंने कहा कि प्रभावितों की परेशानियों को सुनने के लिए 12 सितंबर को जन अदालत का आयोजन किया गया है। जो खंडवा के पास चल रहे जल सत्याग्रह आंदोलन स्थल पर ही होगी। जल सत्याग्रह आंदोलन जारी रहने की बात भी कही।

अमेरिका से 11 को क्या दिग्गी बेटी और उसकी सौतेली मां के साथ आएँगे?

दिग्विजय सिंह और टीवी एंकर अमृता राय के संबंधों की तस्वीरें वायरल होने के बाद अब उनकी गुपचुप शादी की खबरें अखबार की हेडलाइन बन गई हैं। बेटी के इलाज का बताकर अमेरिका गए दिग्गी की पिछले महीने चेन्न्ई में हिंदू रीति-रिवाज से शादी होने की खबरें अखबारों की सुर्खियां बनी हैं जिसके बाद उनके ट्वीट भी आज सोशल मीडिया पर जमकर पसंद किए जा रहे हैं। हालांकि इन ट्वीट को लेकर कई तरह सवाल भी खड़े किए जा रहे हैं।

शादी के बाद अमृता राय के नाम से जो ट्वीट आया है उसमें उन्होंने स्वीकार किया है कि दिग्विजय सिंह से केवल प्यार के लिए शादी की है न कि उनकी दौलत के लिए। इस ट्वीट में यह भी कहा गया है कि उन्होंने दिग्विजय सिंह को उनकी संपत्ति अपने बेटे व बेटी के नाम करने को कहा है।

दिग्विजय सिंह के बेटे विधायक जयवर्द्ध सिंह की शादी दिग्गी व अमृता राय के संबंधों के सार्वजनिक होने के बाद हुई है। हालांकि अमृता राय से अपने रिश्तों को लेकर दिग्विजय सिंह ने कभी भी नकारात्मक जवाब नहीं दिया। अब वे अमेरिका से 11 सितंबर को लौटेंगे तो देखना है कि उनके साथ बेटी के अलावा क्या उसकी सौतेली मां भी होगी।

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को सुनने के लिए पैंतालीस हजार लोगों ने पंजीकरण कराया है।

अमरीका में सिलिकॉन वैली में 27 सितम्बर को भारतीय-अमरीकी लोगों को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का संबोधन सुनने के लिए पैंतालीस हजार से अधिक लोगों ने ऑनलाइन पंजीकरण कराया है।

Khabar News | MP Breaking News | MP Khel Samachar | Latest News in Hindi Bhopal | Bhopal News In Hindi | Bhopal News Headlines | Bhopal Breaking News | Bhopal Khel Samachar | MP News Today