नकली दूध बनाने वालों पर रासुका लगेगी

लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री तुलसीराम सिलावट ने सोमवार को खाद्य एवं औषधि प्रशासन के अधिकारियों को निर्देश दिये कि यूरिया जैसे घातक पदार्थ मिलाकर सिंथेटिक दूध और उससे मावा, पनीर आदि अन्य उत्पाद बनाने और बेचने वालों के विरुद्ध रासुका के तहत सख्त कार्रवाई की जाए। बैठक में नियंत्रक खाद्य एवं औषधि प्रशासन रविन्द्र सिंह और संयुक्त नियंत्रक डीके नागेन्द्र उपस्थित थे।

मंत्री सिलावट ने कहा कि सिंथेटिक दूध और इससे बने अन्य दुग्ध उत्पाद आमजन के स्वास्थ्य के लिये बहुत घातक हैं। उन्होंने कहा कि मिलावटखोरों को आम आदमी के स्वास्थ्य से खिलवाड़ नहीं करने देंगे। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि राज्य और जिला स्तर पर इस तरह की घातक गतिविधियाँ संचालित करने वालों की धड़-पकड़ के लिये उड़न दस्ता बनाकर कार्यवाही करें।
सिलावट ने कहा कि सभी संभागीय कमिश्नर, जिला कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक से भी ऐसे व्यक्तियों के विरुद्ध रासुका जैसे सख्त कानून में कार्यवाही करने के लिये कहा जा रहा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि जिम्मेदार अधिकारियों पर भी कार्यवाही में शिथिलता बरतने अथवा जिम्मेदारी का निर्वहन नहीं करने पर अनुशासनात्मक कार्यवाही होगी।
51 जिलों में छापे
मध्य प्रदेश के 51 जिलों में स्वास्थ्य विभाग की छापेमार कार्यवाही की जाएगी। ग्वालियर चम्बल सम्भाग में कार्यवाही को लेकर सरकार ने 8 सदस्यीय एसआईटी का गठन किया गया है। जबलपुर में अमानक खाद्य समाग्री मिलने पर बड़ी कार्यवाही की गई है। तीन बड़े व्यापारियों के लाइसेंस निरस्त किए गए। जिन तीन बड़े व्यापारियों पर कार्रवाी की गई उनमें घनश्याम साहू ,,संतोष साहू ,कमल खरे बताए जा रहे हैं।

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