दिग्विजय सिंह के भाजपा-बजरंग दल पर पाकिस्तान की जासूसी के आरोपों से मचा बवाल

पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने शनिवार को भिंड के सर्किट हाउस में मीडिया से चर्चा में यह कहा कि भाजपा और बजरंग दल आईएसआई से पैसा ले रहे हैं। उन्होंने अपने अंदाज में कहा जितने भी पाकिस्तान की जासूसी करते पाए गए हैं। इसके बाद मुस्कुराहट फैलाते हुए रुक कर कहा बजरंग दल-भारतीय जनता पार्टी आईएसआई से पैसा ले रहे हैं। मीडिया ने इस बीच दूसरा सवाल करने की कोशिश की लेकिन वे बीच में रोकते हुए बोले एक बात और बताऊं पाकिस्तान के लिए मुसलमान जासूसी कम कर रहे हैं, गैर मुसलमान ज्यादा कर रहे हैं।

दिग्विजय के इस बयान पर भाजपा ने जमकर हमला बोला और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एएनआई के ट्विटर एकाउंट पर दिग्विजय के बयान पर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी ने सारी हदें पार कर दी हैं। मानो सब कांग्रेस नेताओं में कॉम्पिटिशन चल रहा हो कि कौन ज्यादा पाकिस्तान में हीरो बन सकता है। पाकिस्तान इस वक्त बीजेपी, आरएसएस को गालियां दे रहा है, अब दिग्विजय ने बीजेपी, आरएसएस को आतंकी संगठन बता दिया। इससे ज्यादा शर्मनाक राजनीति नहीं हो सकती। वहीं, पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने दिग्विजय सिंह के बयान पर कहा कि अब वे और देश उनके बयान को गंभीरता से नहीं लेता। चौहान ने कहा कि वे सुर्खियों में बने रहने के लिए इस तरह के अनर्गल बयान देते रहते हैं। इसी तरह नेता प्रतिपक्ष गोपाल भार्गव ने भी उनकी मानसिक स्थिति पर टिप्पणी करते हुए कहा कि वे लाइम लाइट में बने रहने के लिए ऐसे बयान देते हैं। पूर्व मंत्री विश्वास सारंग ने कहा कि दिग्विजय आरोप लगा रहे हैं तो उसके साक्ष्य दें।
मगर दिग्विजय के बयान पर मध्यप्रदेश कांग्रेस के नेता उनके साथ खड़े हो गए हैं। जनसंपर्क मंत्री पीसी शर्मा, पीसीसी के मीडिया विभाग की अध्यक्ष शोभा ओझा, भिंड से लोकसभा चुनाव में कांग्रेस प्रत्याशी रहे देवाशीष जरारिया ने दिग्विजय के आरोपों को सही बताया है। जरारिया ने तो यहां तक कहा है कि दिग्विजय सिंह ने देशद्रोहियों की पोल खोल दी है। पाकिस्तान की जासूसी करते हुए पकड़े गए ध्रुव सक्सेना और बलराम सिंह के भाजपा व बजरंग दल से संबंध रहे हैं। उनके भाजपा नेताओं से गहरे संबंध रहे हैं तो उसकी पूरी जांच होना चाहिए। शिवराज सिंह चौहान और कैलाश विजयवर्गीय से भी पूछताछ होना चाहिए।

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