एकजुटता की संस्कृति अक्षुण्ण बनाये रखने प्रदेशवासी संकल्पित हों: नाथ

मुख्यमंत्री कमल नाथ ने कहा है कि हमारी समृद्ध धार्मिक और सांस्कृतिक परम्पराओं के प्रति गहन आस्थाओं और उसे मिल-जुलकर मनाने की भावनाओं का ही परिणाम है कि हमारा देश सुरक्षित है और हमारी अखण्डता मजबूत है। उन्होंने कहा कि असत्य पर सत्य की विजय का प्रतीक दशहरे का यह पर्व हम सब लोगों के लिए यह संकल्प लेने का दिन है कि हम अपनी एकजुटता की संस्कृति को न केवल अक्षुण्ण बनाये रखेंगे बल्कि इसे और अधिक सुदृढ़ बनाएंगे।

कमल नाथ आज शिवाजी नगर में दशहरा उत्सव समिति द्वारा आयोजित रावण दहन समारोह में नागरिकों को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री ने समारोह में पहुँचते ही भगवान श्रीराम और लक्ष्मण के प्रतीक चरित्रों की आरती की। उन्होंने वहाँ स्थापित माँ दुर्गा की झाँकी के भी दर्शन किए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि आध्यात्म हमारे देश की एक सबसे बड़ी शक्ति है। हमारी सभ्यता, संस्कृति और आध्यात्म की ताकत का पूरी दुनिया लोहा मानती है। उन्होंने कहा कि आज सबसे बड़ी चिंता यह है कि हमारी यह सांस्कृतिक और आध्यात्मिक एकता की परम्परा, सभ्यता और संस्कार नई पीढ़ी आत्मसात करे। उन्होंने बुजुर्गों, सामाजिक संस्थाओं और जागरूक नागरिकों से अपील की कि वे युवाओं और बच्चों को इन संस्कारों से जोड़ें और इस मार्ग पर चलने के लिए उन्हें प्रेरित भी करें। मुख्यमंत्री ने नागरिकों को विजयादशमी की शुभकामनाएँ देते हुए कहा कि आप लोगों की उपस्थिति बताती है कि आने वाले समय में हमारे देश की एकता और अखण्डता सदैव सुरक्षित रहेगी।

जनसम्पर्क मंत्री श्री पी.सी. शर्मा ने कहा कि विजयादशमी पर्व अधर्म पर धर्म की तथा असत्य पर सत्य की विजय का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री श्री कमल नाथ ने आने वाले पाँच सालों में प्रदेश के विकास और समृद्धि में बाधा उत्पन्न करने वाली हर रावण रूपी बुराई को खत्म करने का संकल्प लिया है।

समारोह को पूर्व मुख्यमंत्री श्री दिग्विजय सिंह तथा पूर्व केन्द्रीय मंत्री श्री सुरेश पचौरी ने भी संबोधित किया। पार्षद श्री योगेन्द्र सिंह चौहान गुडडू और बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित थे।

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