कान्हा से दस साल पहले लाए गए पन्ना टाइगर की बीती रात मौत हो गई। उसकी मौत के कारणों की वजह जानने के लिए आतंरिक अंगों को जबलपुर के स्कूल ऑफ वाइल्ड लाइफ फोरेंसिक एंड हेल्थ भेजा रहा है। पढ़िये रिपोर्ट।’
वन विहार राष्ट्रीय उद्यान के 14 वर्षीय नर बाघ पन्ना की 17 एवं 18 अप्रैल की दरम्यानी रात्रि में मौत हो गई। इस नर बाघ पन्ना को 28 मार्च 14 को कान्हा टाइगर रिजर्व से 4 वर्ष की उम्र में वन विहार लाया गया था। मृत नर बाघ का पोस्ट मार्टम वन विहार के वन्यप्राणी चिकित्सक डा. अतुल गुप्ता एवं वाइल्ड लाइफ एसओएस के वन्यप्राणी चिकित्सक डा. रजत कुलकर्णी द्वारा संयुक्त रूप से किया गया। पोस्टमार्टम के दौरान आंतरिक अंगो के अवयवों के नमूने परीक्षण हेतु लिये गये है, जो कि जांच हेतु स्कूल ऑफ वाइल्ड लाइफ फोरेंसिक एन्ड हेल्थ, जबलपुर भेजे जा रहे हैं। नर बाघ पन्ना का शवदाह वन संरक्षक भोपाल वृत्त भोपाल वन विहार के संचालक, सहायक संचालक, चिकित्सकों एवं स्टाफ के समक्ष पूर्ण सम्मान के साथ किया गया।
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