-
दुनिया
-
आमिर, सलमान के प्लेन को उड़ाने वाली MP की पायलट संभवी पाठक महाराष्ट्र के Dy CM के साथ हादसे में मृत
-
MP नगरीय विकास विभाग दागदारः दूषित पानी से बदनाम हुआ स्वच्छ Indore तो Bhopal के स्लाटर हाउस में गौ हत्या
-
साँची बौद्ध भारतीय ज्ञान अध्ययन विश्वविद्यालय में अंतरराष्ट्रीय बौद्ध विद्वान का दौरा
-
प्रतिष्ठित VIT ग्रुप के सीहोर कॉलेज में कुप्रबंधन से नाराज छात्रों का हंगामा, गाड़ियां जलाईं, तोड़फोड़…जांच कमेटी बनी
-
Buddhist Architecture में डर और साहस का दर्शनः Sanchi University में Scholars के शोधपत्रों के विचार
-
जन अभियान परिषद में निजी वाहन को टैक्सी बताकर राशि का भुगतान, चार साल बाद EOW पहुंचा मामला
मध्य प्रदेश जन अभियान परिषद में निजी वाहन को टैक्सी बताकर उससे लाखों रुपए का भुगतान लिए जाने का मामला सामने आया है। हालांकि यह मामला चार साल पहले का बताया जा रहा है मगर इसकी शिकायत हाल ही में आर्थिक अपराध अन्वेषण ब्यूरो में हुई जिसकी जांच शुरू हो गई है। यह मामला पू्र्व कार्यपालक निदेशक धीरेंद्र पांडेय से जुड़ा बताया जा रहा है। पढ़िये रिपोर्ट।
जन अभियान परिषद में जनवरी-फरवरी 2021 में एक कार एमपी 04 सीटी 9366 का एक बिल लेखा शाखा में पहुंचा था जिसमें दो महीने की राशि करीब 93 हजार रुपए थी। यह कार तत्कालीन कार्यपालक निदेशक धीरेंद्र पांडेय से संबद्ध थी और जनवरी के महीने में यह कार एक हजार किलोमीटर के अलावा 369 किलोमीटर अतिरिक्त चली थी। इस कार के बिल का भुगतान नोटशीट से स्टोर सहायक के पास पहुंची थी। इस कार का बिल जवाहर चौक के एक ट्रैवल्स कंपनी के माध्यम से परिषद में सबमिट हुए थे।
चार साल बाद उठा मामला
चार साल बाद अब यह मामला उठा है जबकि धीरेंद्र पांडेय जन अभियान परिषद के कार्यपालक निदेशक नहीं रहे हैं। आर्थिक अपराध अन्वेषण ब्यूरो में यह मामला पहुंचा है जिसमें परिवहन विभाग का एक पत्र भी दिया गया है। कार एमपी 04 सीटी 9366 की जानकारी सूचना के अधिकार के माध्यम से ली गई है और आर्थिक अपराध अन्वेषण ब्यूरो को परिवहन विभाग से मिले कार के रिकॉर्ड संबंधी पत्र को दिया गया है। इसमें परिवहन विभाग ने साफतौर पर इनकार किया गया है कि उपरोक्त कार का कोई भी टैक्सी परमिट जारी नहीं किया गया है।
ईओडब्ल्यू का पीएस को पत्र
जन अभियान परिषद के कार्यपालक निदेशक से संबंधित मामले को लेकर ईओडब्ल्यू ने प्रमुख सचिव विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी को पत्र लिखकर उससे जुड़े रिकॉर्ड के आधार पर अनुशंसा की अपेक्षा की गई है। अब देखना यह है कि चार साल बाद सामने आए जन अभियान परिषद के इस मामले में क्या कार्रवाई होती है।
Posted in: bhopal, bhopal news, desh, Uncategorized, अन्य, देश, मध्य प्रदेश, मेरा मध्य प्रदेश, राज्य, व्यापार
Tags: bhopal, bhopal hindi news, bhopal khabar, bhopal khabar samachar, crime, india, madhya pradesh, madhya pradesh . india, police




Leave a Reply