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मध्य प्रदेश लोकायुक्त ने आईएएस अधिकारियों के खिलाफ मांगी अभियोजन स्वीकृति, सीएम के गृह नगर उज्जैन से जुड़ा मामला
मध्य प्रदेश के भारतीय प्रशासनिक सेवा के पांच अधिकारियों के खिलाफ लोकायुक्त संगठन ने अभियोजन स्वीकृति मांगी है। लोकायुक्त जस्टिस एनके गुप्ता ने अभियोजन स्वीकृति के लिए राज्य शासन को पत्र भी लिख दिया है। पढ़िये किन पांच रिटायर्ड व मौजूदा आईएएस अधिकारी के खिलाफ लोकायुक्त ने यह एक्शन लिया।
मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के गृह नगर से जुड़े करीब एक दशक पुराने मामले में अब लोकायुक्त संगठन ने राज्य के पांच आईएएस अधिकारियों के खिलाफ चालान पेश करने की तैयारी कर ली। इनके खिलाफ अभियोजन स्वीकृति के लिए राज्य शासन को पत्र लिखा है। इन पांच आईएएस अधिकारियों में चार अधिकारी रिटायर्ड हो चुके हैं जिनमें से एक महिला आईएएस अधिकारी का तो निधन भी हो गया है। एक आईएएस अधिकारी अभी सेवा में हैं।
कौन हैं ये अधिकारी जानें
लोकायुक्त जस्टिस एनके गुप्ता ने उज्जैन की हवाई पट्टी की लीज और उसे प्रायवेट कंपनी को लीज पर देने के बाद भी सरकारी खर्च पर उसे बनाए जाने को लेकर विशेष पुलिस स्थापना में दर्ज एफआईआर में चालान की प्रक्रिया शुरू करने के निर्देश दिए थे। इसके लिए पांच आईएएस अधिकारियों के खिलाफ अभियोजन स्वीकृति की प्रक्रिया शुरू की गई। ये पांच आईएएस अधिकारी हैं, रिटायर्ड अधिकारी कवींद्र कियावत, अजातशत्रु श्रीवास्तव व अरुण कोचर, शिवशेखर शुक्ला और डॉ. एम गीता। महिला अधिकारी डॉ. गीता का तो करीब दो साल पहले निधन हो चुका है और शुक्ला अभी प्रमुख सचिव हैं।




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