मध्य प्रदेश में अब नेताओं की शामत आ गई है। सत्ताधारी दल भाजपा के मंत्री विजय शाह के बंगले पर कांग्रेस नेताओं के कालिख पोते जाने की घटना के बाद अब राजधानी भोपाल की महापौर के बंगले पर बजरंग दल कार्यकर्ताओं के हंगामा की घटना हुई जिन्होंने नेम प्लेट पर कालिख पोती और गौ हत्या मामले में महापौर की सदबुद्धि के लिए हनुमान चालीसा का पाठ किया। पढ़िये रिपोर्ट।
भाजपा गौ माता संरक्षण को लेकर बड़े दावा करती है और मध्य प्रदेश में 2004 से गौ वध पर प्रतिबंध लगा दिया गया है। गौ संरक्षण कानून को लागू किया गया है मगर इन दावों की दिसंबर 2025 की एक घटना ने पोल खोलकर रख दी है। भोपाल राजधानी में मांस का ओवरलोड ट्रक पकड़ा जाता है जिसे नगर निगम और पशु चिकित्सक के प्रमाण पत्र के माध्यम से मांस को भैंसों के होने का प्रमाणित कर ट्रक को छोड़ दिया गया। जब इसके जप्त सैंपल की रिपोर्ट आई तो उसमें गौ मांस की पुष्टि हुई मगर तब तक करीब ढाई सौ से ज्यादा गौ माताओं की हत्या कर उनके मांस को निर्यात कर देश के बाहर भेजा जा चुका था। मामले में नगर निगम, पुलिस, पशु चिकित्सक आदि की मिलीभगत की आशंकाओं पर बयानबाजी हुई मगर नगर निगम के जिस स्लाटर हाउस से यह मांस बाहर आया उसके कर्ताधर्ता असलम कुरेशी उर्फ चमड़ा को पुलिस ने गुपचुप ढंग से एफआईआर दर्ज कर जेल भेज दिया। असलम कुरेशी स्लाटर हाउस में कब से गौ हत्या कर उनके मांस का निर्यात कर रहा है, इसकी पूछताछ के लिए न कोई रिमांड लिया गया और न ही किसी तरह के सवाल नगर निगम या पुलिस के किसी अधिकारी या जिम्मेदार ने पूछे।
महापौर से बजरंग दल ने मांगा इस्तीफा
भोपाल नगर निगम की महापौर मालती राय से अब हिंदू संगठन सवाल कर रहे हैं। उनकी वजह से दिसंबर में मांस का ट्रक पकड़ा गया था मगर उन्हें ही असलम चमड़ा की गिरफ्तारी या एफआईआर की जानकारी तक नहीं लगी और गुपचुप अंदाज में कार्रवाई कर दी गई। बजरंग दल अब इस मामले में महापौर को घेर रहा है और बुधवार को उसके कार्यकर्ताओं ने महापौर के सरकारी बंगले पर जमकर हंगामा किया। बंगले के बाहर लगे महापौर के पोस्टर फाड़ दिए तथा नेम प्लेट पर कालिख पोत दी। यही नहीं सदबुद्धि के लिए काफी देर तक बंगले के प्रवेश द्वार पर ही हनुमान चालीसा पाठ किया।
ट्रक में मांस के वजन पर शंका न होने से मिलीभगत का संदेह
गौरतलब है कि भोपाल में 17 दिसंबर 2025 को पुलिस मुख्यालय के पास मांस का ट्रक पकड़ा गया था जिसमें 26.5 टन मांस भरे होने की बात सामने आई। मगर हिंदू संगठन का नगर निगम या पुलिस की कार्रवाई पर संदेह है कि इन एजेंसियों को उस समय यह शंका क्यों नहीं हुई कि जब स्लाटर हाउस में 85 भैंस को काटने की अनुमति दी गई थी तो उसका वजन ज्यादा से ज्यादा 13 टन होना था। पकड़े गए ट्रक में करीब 25 टन से ज्यादा मांस भरा था जो गड़बड़ी की आशंका के लिए काफी था और उसके आधार पर ट्रक को छोड़ा ही नहीं जाना था। उसे छोड़े जाने के लिए केवल पशु चिकित्सक के प्रमाण पत्र या नगर निगम की अनुमति को आधार मान लिया गया जिससे मांस जल्द से जल्द देश की सीमा के पार जा सके।
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