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ईओडब्ल्यू के ई-टेंडर की जांच करने वाले अरुण मिश्रा को आईपीएस अवार्ड
मध्य प्रदेश के बहुचर्चित ई-टेंडर घोटाले की ईओडब्ल्यू में जांच करने वाले पुलिस अधिकारी अरुण मिश्रा को अंततः भारतीय पुलिस सेवा में बैच का आवंटन कर दिया गया। भारत सरकार के गृह मंत्रालय ने शुक्रवार को राजपत्र में इस संबंध में सूचना जारी कर उन्हें 2021 बैच का आवंटित कर दिया। पढ़िये रिपोर्ट।
2018 में जल संसाधन विभाग से सामने आए ई-टेंडर घोटाले को लेकर ईओडब्ल्यू ने जांच शुरू की थी जो सरकार बदलने के बाद कांग्रेस की कमलनाथ सरकार के समय तेजी से उसकी जांच हुई। इसमें कई बड़े नाम सामने आए थे और कई राज्यों तक इसकी जांच का दायरा बड़ा था। इसमें जो निजी कंपनियां संदेह के दायरे में आई थीं, उनके कुछ कर्ताधर्ता जेल तक पहुंच गए थे। मगर कोरोना महामारी के दौरान सरकार बदली और यह जांच भी धीरे-धीरे ठंडे बस्ते में पहुंच गई मगर इसकी जांच करने वाले अफसरों को कई साल तक तमाम दबावों के दौर से गुजरना पड़ा। इसकी जांच करने वाले प्रमुख अधिकारी अरुण मिश्रा भी थे जिन्हें आईपीएस अवार्ड होने में काफी बाधाएं झेलना पड़ी। 2023 के आखिरी कार्यदिवस के दिन मिश्रा को आईपीएस अवार्ड होने की राजपत्र में सूचना जारी हो गई।




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