Dehli में कांग्रेस हाईकमान की MP के चार नेताओं संग बैठक, सबकुछ ठीक चलने का संदेश

कांग्रेस जिन चुनिंदा हिंदी भाषी राज्यों में मजबूत है, उनमें से एक मध्य प्रदेश है जहां करीब ढाई दशक से विपक्ष की भूमिका में है। तीसरे राजनीतिक दल के नहीं होने से मध्य प्रदेश में कांग्रेस की स्थिति अन्य राज्यों से ठीक है और यहां सबकुछ ठीक होने का संदेश देने के लिए हाईकमान बुधवार को चार नेताओं के साथ बैठक करता है। हाईकमान के साथ इस बैठक में न तो पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ दिखाई दिए न पूर्व नेता प्रतिपक्ष व वरिष्ठ विधायक अजय सिंह थे और न पूर्व केंद्रीय मंत्री अरुण यादव व पूर्व नेता प्रतिपक्ष डॉ. गोविंद सिंह जैसे नेता नजर आए। पढ़िये रिपोर्ट।

मध्य प्रदेश में कांग्रेस 2018 से 2020 के बीच की करीब सवा साल की अवधि को छोड़ दें तो ढाई दशक से विपक्ष में बैठी है। दो बार सत्ता में आते-आते उसके अपनों के ही कथित तौर पर गलत फैसलों से जीत हाथ से फिसल जाने की बातें भी कही जाती हैं। वहीं, हाईकमान भी मध्य प्रदेश की तरफ करीब तीन दशक से वैसा ध्यान नहीं दे रहा है जैसा तब दिया करता था और देशभर में मध्य प्रदेश के नेताओं की धाक थी। एआईसीसी में मध्य प्रदेश के नेताओं की ऐसी पकड़ थी कि कई राज्यों में यहां के नेता प्रभारी रहे मगर आज जिन नेताओं को एआईसीसी में जगह दी गई है, उनका मध्य प्रदेश में जनाधार नहीं है। मध्य प्रदेश को लेकर जब हाईकमान चर्चाएं करता है तो चार-पांच नेताओं के साथ बैठक की जाती है। यही कुछ बुधवार को भी हुआ, जब कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी, पार्टी के संगठन प्रभारी महासचिव केसी वेणुगोपाल ने मध्य प्रदेश में पार्टी की स्थिति, भाजपा से लड़ाई लड़ने को लेकर चर्चा के लिए बैठक बुलाई तो उसमें पीसीसी चीफ जीतू पटवारी, विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंगार के अलावा पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह व पूर्व मंत्री कमलेश्वर पटेल ही वहां रहे। इन चारों नेताओं ने मध्य प्रदेश की राजनीतिक स्थिति के बारे में हाईकमान को बताया जिनमें से दो पटवारी व कमलेश्वर तो खुद चुनाव हारे हुए हैं। वहीं, दिग्विजय सिंह ऐसे अंतर से लोकसभा चुनाव हार चुके हैं जिसका एक रिकॉर्ड बन चुका है। उनकी वजह से ही भाजपा 2003 में सत्तासीन हुई थी और अब तक वह कुर्सी पर डटी है।
हाईकमान ने आगे कैसे बढ़ा जाे नेताओं से चर्चा की
एआईसीसी के मध्य प्रदेश प्रभारी हरीश चौधरी ने बैठक के बाद मीडिया को बताया कि कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे और नेता विपक्ष राहुल गांधी के साथ मध्य प्रदेश के कांग्रेस नेताओं की बैठक में आगामी रणनीति, संगठन की मजबूती तथा जनता से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की गई है। हाईकमान के सामने कहा गया कि मध्य प्रदेश में कांग्रेस पार्टी संगठन और विधायक दल के तौर पर मजबूती से काम कर रही है। ऐसे में इसे और आगे कैसे बढ़ाया जाए, इस पर हाईकमान के साथ चर्चा हुई। कहा गया कि आज मप्र में किसान, युवा, महिला, छात्र… हर वर्ग के साथ अन्याय हो रहा है। ऐसे में कांग्रेस उनके हितों की रक्षा कैसे करे, इस बारे में हम बैठक कर, आने वाले दिनों में काम करेंगे।

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