सरकार सब ग्रामीणों को नल से पानी पहुंचाने के लिए जल जीवन मिशन से काम करा रही है मगर सरकारी विभाग इसमें भी साढ़े तीन फीसदी की कमीशनखोरी खुलेआम कर रहे हैं। सागर में इसी काम को कर रहे एक ठेकेदार से कार्यपालन यंत्री ने साढ़े तीन फीसदी कमीशन मांगा और पहली किश्त अपने ड्राइवर के माध्यम से डेढ़ लाख रुपए ले रहा था तभी लोकायुक्त पुलिस ने धरदबोचा। पढ़िये रिपोर्ट।
मध्य प्रदेश के सागर जिले में जल जीवन मिशन का काम चल रहा है और इसके लिए कई ठेकेदार काम कर रहे हैं जिनमें से एक शैलेष कुमार लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग में मिशन का काम कर रहा है। शैलेष कुमार 2022 से मिशन का काम कर रहा है। मिशन के अधूरे कामों का पुनरीक्षण हुआ था जिसके लिए लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के सागर के प्रभारी कार्यपालन यंत्री संतोषी लाल बाथम ने ठेकेदार से सहमति मांगी थी। शैलेष कुमार ने अधूरे कामों की सहमति देते हुए बिल ऑफ क्वांटिटी की राशि दो करोड़ 16 लाख 52 हजार रुपए की एफडीआर कर शासन को राशि जमा कर दी थी।
बाथम ने साढ़े तीन फीसदी कमीशन मांगा
ठेकेदार शैलेष कुमार से प्रभारी कार्यपालन यंत्री संतोषी लाल बाथम ने उसके पुराने बिलों व अधूरे कामों के कार्य आदेश जारी करने के लिए साढ़े तीन फीसदी कमीशन के रूप में छह लाख रुपए की रिश्वत मांगी। रिश्वत की पहली किश्त के रूप में डेढ़ लाख रुपए शैलेष कुमार से आज देने की बात हुई मगर ठेकेदार ने इस रिश्वतखोरी की पोल खोलने के लिए लोकायुक्त पुलिस का सहारा लिया। उसने सागर के लोकायुक्त एसपी को शिकायत की तो उन्होंने उसका सत्यापन कराने के लिए बुधवार को संतोषी लाल बाथम और उसके ड्राइवर फूल सिंह यादव को रिश्वत की पहली किश्त डेढ़ लाख रुपए लेते हुए पकड़ लिया। अब लोकायुक्त पुलिस प्रभारी कार्यपालन यंत्री संतोषी लाल बाथम के घर व कार्यालय की तलाशी करने में जुटी है जिससे उसके कार्यालय में काम करने वाले ठेकेदारों के बिल व अन्य फाइलों और उनके प्रभार वाले कामों की लंबित फाइलों के पेंडिंग होने के कारणों का पता लगाया जा सके।
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