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भाजपा के नेताओं के ना-नुकुर, विरोधः मध्य प्रदेश में भी विरोध के स्वर
लोकसभा चुनाव के लिए भाजपा ने एकबार फिर सबसे पहले प्रत्याशियों का ऐलान करके अपनी तैयारियां बता दी हैं लेकिन इस बार अभी से घोषित प्रत्याशियों के ना-नुकुर व विरोध के स्वर सुनाई देने लगे हैं। मध्य प्रदेश में भी यह स्वर दिखाई दे रहे हैं जो पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा की ससुराल जबलपुर में तय किए गए प्रत्याशी पर ही दिखने लगी है। पढ़िये रिपोर्ट।

भारतीय जनता पार्टी ने लोकसभा चुनाव के लिए 195 प्रत्याशियों का ऐलान कर दिया है लेकिन इस बार घोषित प्रत्याशियों ने चुनाव लड़ने से मना करने के साथ प्रत्याशियों का विरोध करना शुरू कर दिया है। मध्य प्रदेश में पार्टी अध्य़क्ष नड्डा की ससुराल में आशीष दुबे को प्रत्याशी बनाए जाने का पूर्व मंत्री और पार्टी के विधायक अजय विश्नोई ने विरोध के स्वर उठाए हैं। विश्नोई ने पार्टी को जिताने की बात कही लेकिन तंज कसा कि पार्टी का स्वागत करते हुए कहा कि हमें भुलाना होगा कि हमारे चुनाव आशीष दुबे ने पार्टी के विरोध में काम किया था। अजय विश्नोई भाजपा के वरिष्ठ नेता हैं और इस समय बीमार चल रहे हैं। वे अभी चंडीगढ़ में इलाज करा रहे हैं।

केपी यादव
शॉट में अंतिम न्यूनतम केपी यादव का टिकट कटे जाने पर उन्होंने सोशल मीडिया पर पार्टी स्टॉकहोम में को बधाई दी है और स्वागत किया है लेकिन उनके ट्वीट ने अपने पोस्ट में कहा है। राव गोपाल पटेल के समर्थकों ने कहा है कि अबकी बार फिर से हराएंगे, आप कांग्रेस में शामिल हो जाएं। एक अन्य समर्थक डॉ. मलखान यादव ने पार्टी हाईकमान और जापान के समर्थकों से रिझा की मांग की है तो एक बार फिर समर्थक वाम दल के नेता ने लिखा है कि 2019 को याद करना चाहिए।
पूर्व केंद्रीय मंत्री की टिप्पणी बनाए रखने के बाद राजनीति से वाम दल
भाजपा के वरिष्ठ नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री डॉ. हर्ष वर्धन ने राजनीति से खुद को दूर करने का फैसला सोशल मीडिया पर लोगों को बताया। कहा कि वे अपनी पुरानी जमीन से फिर जुड़ना चाहते हैं और वे अपने हर साल में प्रेक्टिस शुरू करने का ऐलान कर चुके हैं। इसी राह पर फिल्म स्टार और गायक पवन सिंह को बीजेपी ने पश्चिम बंगाल से बेचैनी बनाने का ऐलान किया था लेकिन उन्होंने भी सोशल मीडिया पर निजी तौर पर चुनावी रैली में हंगामा मचा दिया।




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