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WHO से भोपाल मेडिकल कॉलेज की मिजल्स-रूबेला की लेबोरेटीज को मान्यता, 17 फरवरी को होगी समीक्षा
विश्व के सबसे खतरनाक संक्रमित मिजल्स-रूबेला बीमारी की जांच सुविधाओं में मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल के गांधी मेडिकल कॉलेज की लेबोरेटीज को विश्व स्वास्थ्य संगठन यानी डब्ल्यूएचओ ने मान्यता दी है। डब्ल्यूएचओ ने इस संबंध में केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय को पत्र लिखकर 17 फरवरी को समीक्षा करने का लिखा है।
गांधी मेडिकल कॉलेज, भोपाल में राष्ट्रीय मिजल्स रूबेला प्रयोगशाला (एनएमआरएल) भोपाल इकाई को विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) से प्रशंसा और मान्यता पत्र मिला है। पत्र में वैश्विक अनुशंसित प्रोटोकॉल के अनुसार इसे डब्ल्यूएचओ-कुशल प्रयोगशाला के रूप में मान्यता दी गई है। 2012 में स्थापित एनएमआरएल भोपाल लैब पश्चिमी मध्य प्रदेश के 32 जिलों में मिजल्स और रूबेला के उन्मूलन हेतु महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। लैब का संचालन डॉ. दीप्ति चौरसिया विभागाध्यक्ष, के नेतृत्व में डॉ. जया लालवानी, सह – प्राध्यापक और डॉ. पी नागराज, वैज्ञानिक के द्वारा किया जा रहा है। डब्ल्यूएचओ द्वारा यह मान्यता उच्च गुणवत्ता वाले परीक्षण के लिए लैब की प्रतिबद्धता और क्षेत्र में मिजल्स और रूबेला उन्मूलन के चल रहे प्रयासों में इसके महत्वपूर्ण योगदान को रेखांकित करती है।
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