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राहुल की न्याय यात्रा के पहले जीतू की कार्यप्रणाली पर सवाल, MLA रावत का तंज, किसी की छाया बनकर काम नहीं करें
मध्य प्रदेश कांग्रेस कमेटी में नेतृत्व परिवर्तन के करीब तीन महीने बाद पीसीसी चीफ जीतू पटवारी की कार्यप्रणाली पर पहली बार सवाल उठाया गया है। राहुल गांधी की न्याय यात्रा के ठीक पहले विधायक रामनिवास रावत ने जीतू पटवारी से अपेक्षा की है कि वे किसी की छाया बनकर काम नहीं करें। हमारे लिए वरिष्ठ पत्रकार रवींद्र कैलासिया की रिपोर्ट।
विधानसभा चुनाव में बुरी तरह हार के बाद कांग्रेस हाईकमान ने मध्य प्रदेश में नेतृत्व परिवर्तन करते हुए पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ से बागडोर लेकर युवा नेता जीतू पटवारी को पार्टी की कमान सौंपी है। पटवारी को अध्यक्ष बने करीब तीन महीने होने जा रहे हैं और प्रदेश में कांग्रेस की लोकसभा चुनाव नजदीक होने के बाद भी सक्रियता वैसी नजर नहीं आ रही है। पटवारी की कार्यप्रणाली पर अब सवाल खड़े होना शुरू हो गए हैं। सिंधिया समर्थक रहे ग्वालियर अंचल से पार्टी के विधायक रामनिवास रावत ने पहली बार कार्यप्रणाली पर सवाल उठाया है।
किसी की छाया बनकर काम नहीं करने की अपेक्षा
विधायक रामनिवास रावत ने खबरसबकी डॉटकॉम से चर्चा में दुखी होकर पटवारी से अपेक्षा की कि वे किसी की छाया बनकर काम नहीं करें। उन्हें खुद पीसीसी संगठन चलाना चाहिए। रावत ने कहा कि किसी को ऐसा नहीं लगना चाहिए कि संगठन कोई और चला रहा है। किसके हस्तक्षेप से पीसीसी का कामकाज चल रहा है, यह संदेश नहीं जाना चाहिए।
रावत ने इशारों ही इशारों में कहा कांग्रेस में नेता एक-दूसरे को निपटा रहे हैं
गौरतलब है कि रावत सिंधिया समर्थक रहे हैं लेकिन उनके भाजपा में जाने के बावजूद कांग्रेस में रहकर पार्टी के प्रति निष्ठा जताई है। रावत ने चर्चा में कहा कि पार्टी में नेता एक दूसरे को निपटा रहे हैं। ज्योतिरादित्य सिंधिया के साथ जो व्यवहार किया गया, अब कमलनाथ के साथ किया जा रहा है। कांग्रेस विधायक ने कहा कि उन्हें भी 1998 में कुछ नेताओं ने मिलकर विधानसभा चुनाव में निपटाया था और 2018 में भी वही किया गया था। उल्लेखनीय है कि जीतू पटवारी पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह समर्थक माने जाते हैं और दिग्विजय सिंह की सिंधिया के साथ कभी पटरी नहीं बैठी थी। रावत का इशारा 1998-2018 में चुनावी हार में सिंधिया समर्थक होने की वजह से उन्हें पार्टी नेताओं ने ही हरवाया था।




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