-
दुनिया
-
Indian क्रिकेट के सूरमाओं का सरेंडर, Super 8 के पहले मैच में करारी हार
-
अमेरिकी TRADE DEAL के खिलाफ INC आंदोलन की तैयारी, RAHUL GANDHI व खड़गे की उपस्थिति में BHOPAL में पहला किसान सम्मेलन
-
फिर Political माहौल की गर्मा गरमी के बीच बेतुका फैसला, MP कांग्रेस के प्रवक्ताओं की छुट्टी
-
आमिर, सलमान के प्लेन को उड़ाने वाली MP की पायलट संभवी पाठक महाराष्ट्र के Dy CM के साथ हादसे में मृत
-
MP नगरीय विकास विभाग दागदारः दूषित पानी से बदनाम हुआ स्वच्छ Indore तो Bhopal के स्लाटर हाउस में गौ हत्या
-
DGP सुधीर सक्सेना की विदाई परेड पर बैचमेट शैलेष सिंह ने उठाया सवाल, 17 साल पुराने परिपत्र का दिया हवाला
दो साल तक मध्य प्रदेश के डीजीपी रहने वाले सुधीर कुमार सक्सेना की विदाई पर आयोजित परेड को लेकर उनके बैचमेट ने सवाल खड़ा कर दिया है। विदाई परेड को नियम विरुद्ध बताते हुए कहा गया है कि इस तरह की परेड की सलामी के लिए केवल राज्यपाल ही पात्र हैं। पढ़िये रिपोर्ट।
अखिल भारतीय पुलिस सेवा के 1987 बैच के अधिकारी और विशेष पुलिस महानिदेशक पुलिस रिफार्म शैलेष सिंह ने उनके बैच के साथी अधिकारी डीजीपी सुधीर कुमार सक्सेना की 30 नवंबर को सेवानिवृ्त्ति के दिन दी जा रही विदाई परेड को लेकर एक पत्र लिखकर सवाल खड़ा कर दिया है। शैलेष सिंह ने 2007 के विशेष शाखा द्वारा जारी किए गए एक परिपत्र का हवाला देते हुए डीजीपी की विदाई परेड को नियमों के विरुद्ध बताया है। उन्होंने कहा कि 2007 में परिपत्र में केवल राज्यपाल को ही इस तरह परेड की सलामी लेने का अधिकार है। शैलेष सिंह ने सभी एसपी को पत्र लिखकर यह नियम बताया है।
अंग्रेजों के कोलोनिज्म रूल्स की प्रथा बताया
शैलेष सिंह ने खबर सबकी से बात करते हुए डीजीपी की 30 नवंबर को होने वाली विदाई परेड को नियमों के विरुद्ध बताया और कहा कि अब तक जिन डीजीपी ने विदाई परेड की सलामी ली है, वह नियमों के खिलाफ हुआ है। सिंह ने कहा कि विदाई परेड अंग्रेजों के कॉलोनिज्म रूल्स की प्रथा को बताते है और इससे अधीनस्थल पुलिसकर्मियों पर गलत प्रभाव पड़ता है। पुलिस एक अनुशासित बल है और नियमों का ध्यान रखा जाना चाहिए।
परिपत्र में क्या है…
वहीं, 2007 को पीएचक्यू की विशेष शाखा द्वारा जारी परिपत्र को देखा जाए तो वह मुख्यमंत्री, मंत्रियों व अधिकारियों के विभिन्न स्थानों के दौरों के दौरान विश्राम गृह और विश्राम भवन में सलाम दिए जाने को लेकर है। परिपत्र में सीएम, मंत्रियों व अधिकारियों को दौरों के दौरान विश्राम गृह और विश्राम भवनों में गार्डों द्वारा सलामी देने से रोका गया है। राज्यपाल पर इसे लागू नहीं माने जाने का हवाला देते हुए परिपत्र में गार्ड के सुरक्षा व्यवस्था की ड्यूटी करने को कहा गया है।
Posted in: bhopal, bhopal news, Uncategorized, अन्य, देश, मध्य प्रदेश, मेरा मध्य प्रदेश, राज्य
Tags: bhopal hindi news, bhopal khabar, bhopal khabar samachar, india, madhya pradesh, madhya pradesh . india, police




Leave a Reply