मध्य प्रदेश के लोक सेवकों के खिलाफ सीबीआई या प्रदेश के बाहर की अन्य जांच एजेंसियों को जांच के लिए पहले अनुमति लेना होगी। मध्य प्रदेश के पूर्व इस तरह का फैसला पश्चिम बंगाल की ममता सरकार कर चुकी है जिस पर सुप्रीम कोर्ट ने भी मोहर लगा दी है। पढ़िये रिपोर्ट।
मध्य प्रदेश सरकार ने मंगलवार को राजपत्र में एक अधिसूचना जारी कर राज्य के लोकसेवकों के खिलाफ प्रदेश के बाहर की जांच एजेंसियों की जांच को लेकर पहले राज्य सरकार की अनुमति को अनिवार्य कर दिया है। इस संबंध में राज्य सरकार ने दिल्ली विशेष पुलिस स्थापना अधिनियम 1946 की धारा 3 में प्रदत्त शक्तियों का उपयोग करते हुए यह फैसला किया है। हालांकि मध्य प्रदेश अपने लोकसेवकों के खिलाफ जांच से राज्य के बाहर की जांच एजेंसियों को रोकने वाला कोई पहला राज्य नहीं है बल्कि इसके पहले ममता सरकार भी यह फैसला कर चुकी है। ममता सरकार के फैसले पर दस जुलाई को सुप्रीम कोर्ट ने भी मोहर लगा दी है।
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