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RAJAY SABHA की अप्रैल में एक INC व दो BJP की रिक्त हो रही सीटों के लिए INC में एक अनार सौ बीमार
राज्यसभा की 72 सीटें जून 2026 में रिक्त हो रही हैं जिनमें से मध्य प्रदेश से तीन सीटें हैं। भाजपा की दो और कांग्रेस के खाते वाली एक सीट है। कांग्रेस के पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह और दो बीजेपी की सुमेर सिंह सोलंकी जार्ज कुरियन की हैं। भाजपा में केंद्रीय नेतृत्व के पास सर्वाधिकार सुरक्षित होने से वहां फैसले दिल्ली से होते हैं लेकिन कांग्रेस में हाईकमान के फैसलों में दबाव की राजनीति भी कई बार चल जाती है। भाजपा में जहां एक सीट दक्षिण भारत के नेता के खाते में जा सकती है तो दूसरी सीट पर प्रदेश के वरिष्ठ नेता को मौका मिलने के संकेत हैं तो कांग्रेस में ओबीसी पर विचार के साथ हाईकमान की नजदीकी वाले नेता को सीट जाने की संभावनाएं हैं। पढ़िए रिपोर्ट।
मध्य प्रदेश में कोविड संक्रमण काल के दौरान जून 2020 में राज्यसभा के लिए चुनाव हुए थे जो अप्रैल 2020 में होना थे। उन चुनाव में कांग्रेस के लिए दावेदारों करने वालों में ज्योतिरादित्य सिंधिया भी थे लेकिन तब कांग्रेस की अंदरुनी राजनीति के चलते उन्हें लोकसभा चुनाव में हार के बाद राज्यसभा में नहीं पहुंचने देने के लिए नेताओं ने कुछ दांव चले और उसी दौरान सिंधिया भाजपा के हो गए और वहां से राज्यसभा में पहुंच गए। हालांकि 2024 में लोकसभा चुनाव में बीजेपी के टिकट से जीतकर उन्होंने राज्यसभा से इस्तीफा दे दिया और शेष कार्यकाल के लिए उपचुनाव में जार्ज कुरियन को पार्टी ने राज्यसभा पहुंचाया। तब दो अन्य राज्यसभा सदस्य बनने वालों में कांग्रेस के दिग्विजय सिंह व भाजपा के सुमेर सिंह सोलंकी थे और तीनों राज्यसभा सदस्यों का कार्यकाल अन्य 69 राज्यसभा सदस्यों के साथ जून 2026 में समाप्त हो रहा है और उसके लिए राजनीतिक जमावटें शुरू हो गई हैं।
भाजपा की दो सीटों में एक फिर अन्य राज्य को
जून 2026 में रिक्त हो रही भाजपा की दो राज्यसभा सीटों में से एक सीट फिर अन्य राज्य के भाजपा नेता को जाने की पूरी संभावना है। यह सीट केरल या तमिलनाडु के किसी बीजेपी नेता को मिल सकती है क्योंकि वहां आने वाले समय में चुनाव होने वाले हैं। केरल और तमिलनाडु की विधानसभाओं के चुनाव अगले कुछ महीनों घोषित हो सकते हैं और वहां के किसी वरिष्ठ नेता को मध्य प्रदेश से राज्यसभा भेजा जा सकता है। एक अन्य सीट को मध्य प्रदेश के किसी वरिष्ठ नेता को मिल सकती है। इनमें विधानसभा चुनाव हारे नेताओं या फिर किसी वरिष्ठ मंत्री को राज्यसभा भेजकर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव को मजबूत किया जा सकता है।
कांग्रेस में राहुल की टीम या ओबीसी चेहरे पर दांव के संकेत
मध्य प्रदेश कांग्रेस में राज्यसभा की रिक्त होने वाली सीट को लेकर राजनीति तेज है। राहुल गांधी की टीम के किसी नेता को दिल्ली से सीधे टिकट दिए जाने की संभावनाओं की जोरशोर के साथ चर्चा हैं। दिग्विजय सिंह के राज्यसभा चुनाव नहीं लड़ने के फैसले के ऐलान के बाद यह चर्चा जोरों पर है और प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी के नाम को पहले सबसे आगे बताया जा रहा था मगर प्रदेश में सत्ता वापसी के लिए संगठन में ज्यादा समय देने को कहे जाने से उनका नाम अब दौड़ से बाहर बताया जा रहा है। पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ का नाम भी चर्चा में है मगर उनके स्वास्थ्य की वजह से हाईकमान विचार नहीं करेगा, यह प्रदेश के नेता दबी जुबान में कहते हैं। वहीं राहुल गांधी की टीम की नेता पूर्व लोकसभा सदस्य मीनाक्षी नटराजन का नाम काफी आगे है तो सीडब्ल्यूसी के सदस्य कमलेश्वर पटेल का नाम भी इसी क्रम में आगे है मगर पटेल का नाम प्रभारी महासचिव को लेकर उनके द्वारा कुछ महीने पहले दिए गए एक बयान से पीछे बताया जा रहा है। वहीं, तीसरे नाम के रूप में पूर्व केंद्रीय मंत्री अरुण यादव का नाम है। यादव प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष भी रहे हैं और न केवल वे ओबीसी चेहरा हैं बल्कि सहकारिता के क्षेत्र में उनकी व उनके परिवार की मजबूत पकड़ है। दिल्ली में भी यादव के नाम को आगे बढ़ाने में जुटे हैं हालांकि एकमात्र सीट पर प्रत्याशी चयन का फैसला हाईकमान ही करेंगे। इसलिए चर्चा में जो नाम हैं, उनके अलावा भी कोई आश्चर्यचकित करने वाला नाम सामने आ सकता है जिस तरह प्रभारी महासचिव दीपक बावरिया ने राजमणि पटेल को राज्यसभा प्रत्याशी बनाने के लिए हाईकमान को नाम दिया था, उसी तरह प्रभारी महासचिव हरीश चौधरी या हाईकमान कोई अन्य नाम को सामने ला सकते हैं। अभी तीन महीने का लंबा समय है और तब तक परिस्थितियों में लगातार बदलाव होगा तो यह फैसला अप्रैल के बाद होने की संभावना जताई जा रही है।
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