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जनसंपर्क विभाग में प्रयोग सफल नहीं रहे तो दो साल में मनीष सिंह की वापसी
मध्य प्रदेश में सरकार की छवि को निखारने की जिम्मेदारी संभालने वाले मुख्यमंत्री के अंतर्गत आने वाले जनसंपर्क विभाग में दो साल में चार बदलाव किए गए हैं और इस अवधि में प्रयोग नाकाम साबित होने के बाद फिर से मनीष सिंह को आयुक्त का प्रभार सौंप दिया गया है। जबलपुर कलेक्टर में स्कूलों पर नकेल कसने वाले दीपक सक्सेना जनसंपर्क विभाग चलाने में असफल रहे थे और उन्हें आबकारी विभाग के आयुक्त को हटाने के मौके को पाकर सरकार ने जनसंपर्क विभाग में बदलाव कर दिया। पढ़िये रिपोर्ट।
मध्य प्रदेश में शुक्रवार को आधी रात के बाद भी सरकार जागती रही और शनिवार की सुबह होते-होते वल्लभ भवन के गलियारों से लेकर ग्वालियर तक बैठने वाले प्रशासनिक अधिकारियों की पदस्थापनाओं में कई बदलाव हो गए। शिवराज सरकार में विश्वस्त अधिकारियों की सूची में शामिल मनीष सिंह व उमाशंकर भार्गव जैसे अधिकारियों को मुख्यधारा में वापस लाया गया है। एक समय जब मोहन यादव ने मुख्यमंत्री का पदभार ग्रहण किया था तो आयुक्त जनसंपर्क का प्रभार संभालने वाले मनीष सिंह को कुछ ही दिनों में हटा दिया था और काफी समय तक बिना विभाग के रखा था। इसके बाद जेल और सालों पहले बंद हो चुके मध्य प्रदेश सड़क राज्य परिवहन निगम जैसे संस्थानों की बागडोर दी गई मगर मनीष सिंह ने वहां अपना काम किया। इस बीच जनसंपर्क विभाग में संदीप यादव, सुदाम पी खाड़े और दीपक सक्सेना जैसे अधिकारी आते जाते रहे। दो साल में सीएम यादव के सीधे अधीन आने वाले जनसंपर्क विभाग को ये अधिकारी संभाल नहीं पाए और कुछ महीनों में ही बदल दिए जाते रहे। दीपक सक्सेना को हटाते समय मोहन यादव सरकार ने मनीष सिंह को फिर याद किया और आधी रात के बाद हुए बदलाव में सबसे चर्चित अधिकारी में उनका नाम शुमार हो गया।
बताया जाता है कि दीपक सक्सेना को हटाने के लिए लंबे समय से कोई कारण नहीं मिल रहा था और आबकारी आयुक्त अभिजीत अग्रवाल के विवादित आदेश के बाद वहां बदलाव करने की सरकारी की मंशा के चलते सक्सेना जनसंपर्क विभाग से हटा दिए गए। आधी रात को हुए बदलाव में दूसरा चर्चित नाम संदीप यादव का है जिनका प्रभार दो साल में तीसरी बार बदला गया है और उन्हें अब वन विभाग की कमान सौंपी गई है। वन विभाग अपर मुख्य सचिव स्तर के अधिकारियों के प्रभार में रहता रहा है लेकिन प्रमुख सचिव संदीप यादव को सरकार ने यहां की जिम्मेदारी दी है। एसीएस अशोक वर्णवाल यहां से संदीप यादव के प्रभार के स्वास्थ्य विभाग में भेज दिए गए हैं। विवादों में घिरे अभिजीत अग्रवाल को मार्कफेड का प्रबंध संचालक बनाया गया है। शिवराज सरकार में तत्कालीन सीएम शिवराज सिंह चौहान के विश्वस्त की सूची में शामिल उमाशंकर भार्गव को अब लोकभवन से संचालक कृषि बना दिया गया है।
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