लोकसभा-विधानसभा एकसाथ नहीं होंगे, मप्र में समय पर होंगे चुनाव

वन नेशन वन इलेक्शन पर भारत निर्वाचन आयोग ने भोपाल में बुधवार को एकबार फिर दोहराया है कि लोकसभा और विधानसभा चुनाव एकसाथ नहीं कराए जा सकते। मध्यप्रदेश विधानसभा चुनाव अपने समय पर ही होंगे।मुख्य निर्वाचन आयुक्त ओपी रावत ने भोपाल में पत्रकारों से चर्चा में कहा कि कुछ पार्टी ने धर्म के आधार पर वोट मांगे पर भी शिकायत की हैं तो कुछ पार्टी ने मांग की है कि चुनाव सीसीटीवी की निगरानी में होनी चाहिए। रावत ने कहा कि चार राज्यों मे ऐसे प्रेक्षक भेजे जाएंगे जो विकलांग वोटरों की समस्या समाधान करेंगे। कुछ पार्टी ने शिकायत की हैं एक जिले में मतदान केंद्र बदल दिए गए हैं और दबगों के निवास के पास बना दिए गए हैं। उनमें सुधार किए जाएं। उन्होंने कहा कि कुछ पार्टी का कहना था मीडिया पर भी 48 घण्टो तक वेन किया जाए। मतदान केंद्र के एजेंटों को परिचय पत्र देने की मांग भी उठाई गई है।अधिकारी आयोग के राडार पर
रावत ने कहा कि सभी विभाग निर्वाचन आयोग के रडार हैं। 20 फीसदी मतदान केंद्र इस बार बढ़े हैं। ईवीएम को आयोग ने पूरी तरह सुरक्षित बताया है। पेड न्यूज पर भी पूरी निगरानी रखी जायेगी। शिकायतों का 24 घण्टो में निराकरण किया जाएगा। चुनाव की संभावित तारीखों पर उन्होंने कहा समय पर घोषित कर दी जाएंगी।
शिकायत वीडियो या फोटो के साथ करें
निर्वाचन आयोग ने लोगों को आग्रह किया है कि अगर कोई शिकायत करना हो तो हो सके तो उसके साथ वीडियो या फ़ोटो अवश्य भेजें। कोई भी व्यक्ति वीडियो फ़ोटो खीच कर हमारे एप पर भेज सकता है। मध्यप्रदेश ही नही सारे प्रदेश में मतदाता सूचियां सही हैं जो थोड़ी गलत हैं वे चुनाव के पहले सुधार ली जाएंगी। रावत बोले कुछ लोग भ्रांतियां फैला रहे हैं कि ईवीएम बाहर बन रही हैं। ईवीएम चीन ,जापान से नहीं भारत में ही बन रही हैं।उसमें गलती की कोई गुंजाईश नहीं है।अभी तक कि तैयारी काफी संतोषजनक है।कम समय मे काफी तैयारी हुई हैं।पोलिटिकल पार्टीज़ की सभी मांगों पर ध्यान दिया जाएगा।
मुख्य चुनाव आयुक्त रावत ने कहा कि देश की तमाम राजनीतिक दलों की बैठक में यह मांग सामने आई है कि ज्यादा से ज्यादा सेंट्रल पेरामिलिट्री पुलिस की मांग की जा रही है। धर्म जाति के आधार पर वोटिंग पर रोक, शराब रोकने, सीसीटीवी लगाने, मॉडल कोड ऑफ कंडक्ट, सरकारी मशीनरी का दुरुपयोग रोकने, हिंदी भाषी स्टाफ की मांग, कैम्पनिंग के दौरान परमिशन देने की व्यवस्था सरल करने, वीवीपैट की संख्या बढ़ाया या वोटर स्लिप से मतदान कराने, चुनाव खर्च सीमा बढ़ाने, मतदाता सूची से डुप्लीकेट नाम हटाने, आधार लिंकिंग को उपयोग में लाने, पोलिंग एजेंट को आईडी कार्र्ड देने, फेक न्यूज़ पर रोक लगाने, त्योहारों को ध्यान में रखकर चुनाव की तारीख तय किए जाने के सुझाव दिए गए।
रावत बोले कि एमपी विधानसभा चुनाव में लागू होगा सिटिज़न विजिलेंस एप्पलीकेशन, इससे पहले सिर्फ बैंगलोर में पायलट के तौर पर लागू किया था,application के ज़रिए गड़बड़ी की शिकायत करने पर महज़ 100 मिनट के अंदर कार्रवाई की जाएगी, शिकायत करने वाले को 100 मिनट में बताया जाएगा कि आपकी शिकायत पर क्या कार्रवाई हुई।

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