-
दुनिया
-
US-INDIA ट्रेड डील के खिलाफ MODI पर जमकर बरसे RAHUL, बताया EPSTEIN फाइलों की धमकियों का दबाव
-
अकेले रहने वाले बुजुर्गों को टारगेट कर रहे Cyber ठग, Gwalior में 90 साल Couple शिकार
-
Indian क्रिकेट के सूरमाओं का सरेंडर, Super 8 के पहले मैच में करारी हार
-
अमेरिकी TRADE DEAL के खिलाफ INC आंदोलन की तैयारी, RAHUL GANDHI व खड़गे की उपस्थिति में BHOPAL में पहला किसान सम्मेलन
-
फिर Political माहौल की गर्मा गरमी के बीच बेतुका फैसला, MP कांग्रेस के प्रवक्ताओं की छुट्टी
-
सांसद ज्योति धुर्वे की बढेंगी मुश्किलें
मध्यप्रदेश हाईकोर्ट ने बैतूल की भाजपा सांसद ज्याति धुर्वे के जाति प्रमाणपत्र के मामले में अनुसूचित जाति-जनजाति विभाग के प्रमुख सचिव अशोक शाह और आयुक्त दीपाली रस्तोगी के खिलाफ 1 हजार रुपए का जुर्माना लगा दिया। इसके साथ सख्त हिदायत दी गई कि यदि 15 दिन के भीतर जाति प्रमाणपत्र संबंधी शिकायत का निपटारा नहीं किया गया तो दोनों आला अधिकारी हाईकोर्ट में हाजिर होकर जवाब पेश करने तैयार रहें। न्यायमूर्ति सुजय पॉल की एकलपीठ के समक्ष मामले की सुनवाई हुई। इस दौरान अधिवक्ता ने जानकारी दी कि ज्योति धुर्वे 2009 में भाजपा की टिकट पर सांसद निर्वाचित हुई थीं। उनके निर्वाचन को शंकर पैडाम ने जाति प्रमाणपत्र को फर्जी करार देते हुए कठघरे में रखा था। इस संबंध में दायर चुनाव याचिका 2014 में अप्रासंगिक होने के कारण खारिज कर दी गई थी। इसके बाद 2014 के लोकसभा चुनाव में भी ज्योति धुर्वे भाजपा की टिकट पर चुनाव लड़ीं और जीत गईं। इस जीत को भी शंकर पैडाम ने जाति प्रमाणपत्र के आधार पर चुनाव याचिका के जरिए चुनौती दी।
हाईपावर कमेटी को दिए थे जांच के निर्देश-
हाईकोर्ट ने इस मामले में 2016 में हाईपावर कमेटी को भाजपा सांसद ज्योति धुर्वे के जाति प्रमाणपत्र की जांच करने के निर्देश दिए थे। यह प्रक्रिया पूर्ण करने 3 माह की समय-सीमा निर्धारित की गई थी। जब 3 माह गुजरने के बावजूद जांच पूरी नहीं की गई तो शंकर पैडाम ने अवमानना याचिका दायर कर दी। अवमानना नोटिस जारी होने के बाद हाईपावर कमेटी हरकत में आई। उसने जाति प्रमाणपत्र निरस्त करने का आदेश पारित कर दिया। जिसके खिलाफ ज्योति धुर्वे की ओर से पुनरीक्षण अर्जी दायर की गई। जिस पर सुनवाई के बाद स्टे पारित कर दिया गया। इस बीच हाईपावर कमेटी अंतिम निर्णय न करते हुए बार-बार समय ले रही है। इसी रवैये को आड़े हाथों लेते हुए अनुसूचित जाति-जनजाति विभाग के प्रमुख सचिव अशोक शाह और आयुक्त दीपाली रस्तोगी को हाईकोर्ट में हाजिर होने कहा गया था लेकिन वे हाजिर नहीं हुए। इसीलिए 1 हजार का जुर्माना लगाने का कदम उठाया गया यह राशि दोनों को शासकीय को से नहीं बल्कि अपने पास से भुगतान करनी होगी
Posted in: bhopal news, Uncategorized, देश, मध्य प्रदेश, मेरा मध्य प्रदेश
Tags: bhopal, bhopal hindi news, bhopal khabar, bhopal khabar samachar, BJP, court, crime, india, Khabar madhya pradesh, khabar sabki, madhya pradesh . india, police, politics




Leave a Reply