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सच्चाई जनता की अदालत में कांग्रेस ने कहा: भाजपा सरकार अलोकतांत्रिक और जनविरोधी
अलोकतांत्रिक तरीके से अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा न कराने के लिए सारे संसदीय नियमों को ताक पर रखते हुए विधानसभा का पावस कालीन सत्र अनिश्चित काल के लिए स्थगित करने को लेकर आज कांग्रेस विधायक दल ने मध्यप्रदेश विधानसभा के परिसर में ”सच्चाई जनता की अदालत में” सभा रखी। इस अदालत के सभापति वरिष्ठ विधायक यादवेन्द्र सिंह थे, जबकि सभा के नेता के रूप में नेता प्रतिपक्ष श्री अजय सिंह उपस्थित थे।
कांग्रेस विधायक मुकेश नायक ने सच्चाई जनता की अदालत में प्रस्तुत अविश्वास प्रस्ताव में चर्चा की शुरूआत करते हुए कहा कि यह प्रस्ताव एक जनविरोधी, प्रजातंत्र की हत्या करने वाली भाजपा सरकार के खिलाफ चार्जशीट है। उन्होंने कहा कि इस पर ही चर्चा कराने से भयभीत होकर 26 जून को संसदीय कार्य मंत्री ने जो असंसदीय आचरण किया है। वह विधानसभा के इतिहास में एक काले अध्याय के रूप में दर्ज किया जाएगा। उन्होंने कहा कि ई-टेंडर घोटाले की सीबीआई जांच होगी वह भी बिना किसी दबाव के तो भाजपा का काला चेहरा भ्रष्टाचार में सना हुआ सामने आ जाएगा। नायक ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ईमानदारी की बात करते हैं अगर उन्हें भ्रष्टाचार देखना है तो वह प्रदेश के किसी भी गांव में चले जाए बिना पैसे लिए छोटे से छोटा काम भी नहीं होता। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री का भाषण कैसेट की तरह चलता है। वे इतनी घोषणाएं कर चुके है कि एक ही घोषणाओं को चार-पांच बार कर देते हैं। श्री नायक ने कहा कि यह सभा विधानसभा स्थगित होने के बाद भी विधानसभा के अंदर हो रही है, यह इस बात का संकल्प है कि जब तक भाजपा सरकार को उखाड़ फेंक नहीं देंगे, तब तक कांग्रेस पार्टी चैन से नहीं बैठेंगी। प्रदेश को भष्टाचार, कुशासन, अत्याचार से मुक्त कराएंगे।
विधायक ओंकार सिंह मरकाम ने कहा कि विपक्ष का अधिकार अविश्वास प्रस्ताव को जिस तरह से विधानसभा में आने से रोका गया वह भाजपा सरकार की चेहरे पर एक काला धब्बा है। उन्होंने कहा कि आज मध्यप्रदेश का दलित और आदिवासी वर्ग प्रताड़ित है। अस्पतालों में लोगों को ईलाज नहीं मिल रहा है। व्यापम जैसे घोटालों ने प्रदेश की पूरी एक पीढ़ी को बर्बाद कर दिया है और मध्यप्रदेश की शिक्षा व्यवस्था को पूरे विश्व में बदनाम किया है। श्री मरकाम ने अपने उद्बोधन को विराम करते हुए कहा ”आज कसौटी की बेला है निकल पड़ो मैदान में, दाग न कोई लग पाए लोकतंत्र की शान में”
युवा विधायक जयवर्धन सिंह ने कहा कि भाजपा सरकार के 5 साल घपलों, घोटालों के पांच साल हैं। ई-टेंडरिंग घोटाले ने प्रदेश में भ्रष्टाचार का एक नया अध्याय लिखा है। उन्होंने कहा कि भ्रष्टाचार पर जीरो टॉलरेंस की बात करने वाले मुख्यमंत्री ने इस घोटाले को सामने लाने वाले आईएएस अफसर को ही पद से हटा दिया। उन्होंने कहा कि कल सदन के सत्तापक्ष की विधायक श्रीमती नीलम अभय मिश्रा ने अपने साथ हो रहे अन्याय, अत्याचार को रोते हुए बताया, इससे यह अंदाजा लगता है कि प्रदेश की महिलाओं की स्थिति कितनी दयनीय है। सिंह ने कहा कि आज मध्यप्रदेश पूरे देश में महिलाओं के लिए असुरक्षित बन गया है। उन्होंने कहा कि जो लोग कांग्रेस के 70 साल की आलोचना करते हैं उन्हें मैं कहना चाहता हूं कि 1947 में दो देश आजाद हुए थे, एक भारत और दूसरा उससे टूटकर पाकिस्तान। पाकिस्तान में कुछ समय बाद ही लोकतंत्र खत्म हो गया और तानाशाही आ गई। आज देश में 70 साल बाद भी लोकतंत्र जिंदा है इसकी वजह सिर्फ और सिर्फ कांग्रेस पार्टी है। पिछले 15 साल में मध्यप्रदेश में जैसा कि प्रदेश की जनता ने देखा किस तरह लोकतंत्र और संसदीय नियमों की धज्जियां उड़ाई गई और पिछले 4 साल में मोदी सरकार आने के बाद देश में अघोषित आपातकाल लग गया।
विधायक नीलेश अवस्थी ने अपने उद्बोधन में कहा कि अस्पताल में डॉक्टर नहीं है, छोटे से छोटे काम बगैर पैसे के होते नहीं है। पटवारियों से किसान परेशान है। आज यह कुशासन भारतीय जनता पार्टी की पहचान बन गया है। प्रधानमंत्री आवास योजना में जब तक 15 हजार का कमीशन नहीं दिया जाता तब तक आवास मंजूर नहीं होता है। रेत के दाम चार गुना बढ़ गए हैं रेत माफियाओं के कारण।
विधायक शैलेन्द्र पटेल ने आरोप लगाया कि भारतीय जनता पार्टी ने अविश्वास के डर से कम दिन का सत्र बुलाया। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश के विधानसभा के इतिहास में सबसे कम दिन के सत्र भाजपा सरकार और विधानसभा अध्यक्ष सीतासरन शर्मा की अध्यक्षीय कार्यकाल में हुआ है। उन्होंने कहा कि पौने चौदह घंटे के बिजनिस को कुछ मिनटों में निपटा दिया गया। विधायकों के प्रश्न पूछने के अधिकार को खत्म किया जा रहा है। विधायकों जो प्रश्न पूछते हैं उसके आधे-अधूरे जवाब दिए जाते हैं। प्रश्न की मूल अवधारणा को ही समाप्त कर दिया जाता है। भावांतर योजना को भावांदर योजना बन गई है। जब से यह योजना लागू हुई है सोयाबीन जो 4500 रूपए क्विंटल बिकती थी, वह घटकर 2200 रूपए पर आ गई है और जैसे ही खरीदी पूरी हो जाती है तो फिर से भाव बढ़ जाते हैं। उन्होंने कहा कि भाजपा राज में डीजल, पेट्रोल, खाद, कीटनाशक, बीज और बिजली सभी महंगी हो गई है जिससे किसान और परेशान हो गया है। कद बढ़ रहा है, विकास घट रहा है, खेती की लागत बढ़ रही है दूसरी ओर फसलों के दाम घट रहे हैं। भाजपा सरकार ने पिछले 2013 के चुनाव में किसानों को समर्थन मूल्य के अलावा बोनस राशि भी दी थी। चुनाव जीतने के बाद बोनस राशि देना बंद कर दी। अब फिर चुनाव आ रहे हैं तो फिर से बोनस देने की नौटंकी शुरू कर दी है।
मुख्यमंत्री अपने गृह जिले सीहोर में टाटा-बिरला बनाने की बात करते हैं लेकिन सीहोर जिले में निवेश शून्य रहा है। मुख्यमंत्री की कथनी और करनी में बहुत अंतर है।
विधायक हरदीप सिंह डंग ने कहा कि किसान विरोधी सरकार ने 6 जून को मंदसौर जिले की पिपल्यामंडी में जो किसानों की छाती में गोली चलाई थी, उसके लिए एक जांच आयोग गठित किया था। कहा था कि 3 माह में जांच आयोग अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत करेगा लेकिन रिपोर्ट 1 साल 20 दिन में प्रस्तुत की गई। जो किसान गोलीकांड में शहीद हुए थे उनके पोस्टमार्टम की रिकॉर्डिंग के लिए कांग्रेस दबाव नहीं डालती तो यह सरकार किसानों की मौत गोली से नहीं अन्य कारणों से हुई है यह बताने की साजिश रच रही थी।




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