लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण और आयुष मंत्री श्री रुस्तम सिंह ने आज भोपाल में दो दिवसीय राष्ट्रीय सम्मेलन न्यूट्रिकॉन-2018 का शुभारंभ किया। कार्यक्रम की अध्यक्षता सांसद श्री आलोक संजर ने की। श्री सिंह ने कहा कि अक्सर देखने में आता है कि असाध्य रोगों के लिये बड़े-बड़े शहरों में इलाज करा चुके लोग अंतत: आयुर्वेद की शरण में आते हैं और स्वस्थ हो जाते हैं। आयुर्वेद पथ्य और आहार पर जोर देता है। आज इस अवधारणा से भटकने के कारण ही कई बीमारियों का कारण आहार और अनियमित दिनचर्या हो गई है। भारतीय खाना देश की जलवायु के अनुसार है जिसमें स्वस्थ शरीर के लिए आवश्यक सभी विटामिन, खनिज, फाइबर आदि की पूर्ति हो जाती है।केन्द्रीय आयुष मंत्रालय के सचिव पद्मश्री श्री राजेश कोटेचा ने मध्यप्रदेश के आयुष विभाग की गतिविधियों की सराहना की। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश द्वारा किये गये नवाचार अन्य राज्यों के समक्ष उदाहरण के रूप में प्रस्तुत किये जाते हैं। उन्होंने कहा आयुष मंत्रालय देश में डेढ़ लाख वेलनेस सेन्टर्स के माध्यम से लोगों को प्राकृतिक रूप से स्वस्थ रखने के प्रयास कर रहा है आयुर्वेद बताता है कि कब, क्या, कैसे, किसके साथ क्या खाना चाहिये, इससे व्यक्ति स्वस्थ रहता है। उन्होंने कहा कि लोगों को बतायें कि आहार में क्या लेने से मधुमेह, ब्लड प्रेशर, गठिया आदि बीमारियां पास नहीं आतीं।
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