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नवजात शिशु गहन चिकित्सा इकाई संचालन वाला पहला राज्य मध्यप्रदेश
मध्यप्रदेश प्रत्येक जिले में नवजात शिशु गहन चिकित्सा इकाई संचालित करने वाला देश का पहला राज्य है। प्रदेश में 54 नवजात शिशु गहन चिकित्सा इकाइयाँ क्रियाशील हैं। इनमें से 49 जिला चिकित्सालयों और 5 चिकित्सा महाविद्यालयों में संचालित हैं। मध्यप्रदेश की चिकित्सा इकाइयों को रोल मॉडल मानते हुए देश के अन्य राज्यों ने भी इसे अपनाया है। इकाइयों के माध्यम से अब तक 5 लाख 48 हजार से अधिक नवजात शिशुओं को उपचारित किया गया है।नवजात शिशु गहन चिकित्सा इकाइयों की सेवा की मॉनीटरिंग, विभिन्न इकाइयों के तुलनात्मक विश्लेषण और समय के साथ इकाइयों के प्रदर्शन में सुधार की समीक्षा के लिये मध्यप्रदेश में मॉनीटरिंग सॉफ्टवेयर भी तैयार किया गया है। भारत सरकार द्वारा इसकी प्रशंसा करते हुए इसे देश के समस्त राज्यों में उपयोग के लिये अधिग्रहित किया गया है।मेप आई.टी. द्वारा भी नवजात शिशु देखभाल सॉफ्टवेयर को प्रथम पुरस्कार दिया जा चुका है। मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान द्वारा बेस्ट प्रेक्टिसेस इन ई-गवर्नेंस के लिये इनोवेटिव यूज ऑफ आईसीटी श्रेणी में ‘फेसिलिटी बेस्ड न्यू बॉर्न केयर डाटा-बेस सॉफ्टवेयर” को पुरस्कार स्वरूप 2 लाख रुपये, ट्रॉफी एवं प्रमाण-पत्र दिया जा चुका है। वर्ष 2015 में शिमला में आयोजित नेशनल समिट ऑन गुड एण्ड रेप्लीकेबल प्रेक्टिसेस एण्ड इनोवेशन्स इन पब्लिक हेल्थ केयर सिस्टम इन इण्डिया के दौरान भी केन्द्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय द्वारा न्यू बॉण्ड सर्वाइवल के लिये मध्यप्रदेश को पुरस्कृत किया जा चुका है।





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