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एक लाख स्कूली बच्चों ने जंगल में पढ़ा वन-जागरूकता का पाठ
भावी पीढ़ी को वन और वन्य-प्राणियों के संरक्षण के प्रति संवेदनशील बनाने के उद्देश्य से वन विभाग द्वारा आरंभ अनुभूति कार्यक्रम में इस वर्ष एक लाख से अधिक बच्चों ने ईको कैम्प में भाग लिया। ईको पर्यटन विकास बोर्ड द्वारा दिसम्बर-जनवरी में चलाये गये अनुभूति कार्यक्रम में बच्चों को प्रदेश के राष्ट्रीय उद्यान, अभ्यारण्य और वन क्षेत्रों में शिविर लगाकर पर्यावरण संरक्षण, पारिस्थितिकीय तंत्र, जैव-विविधता, पशु-पक्षी, वनौषधि और इनके न रहने से होने वाले नुकसान की जानकारी दी गई।गत वर्ष से आरंभ हुए अनुभूति कार्यक्रम में पिछले साल करीब 54 हजार स्कूली बच्चों ने भाग लिया था। इस वर्ष हुए कार्यक्रमों में मध्यप्रदेश विधानसभा अध्यक्ष, प्रदेश के 4 मंत्री, सांसद और 38 विधायक, मध्यप्रदेश लोक सेवा आयोग के अध्यक्ष और मध्यप्रदेश बाल संरक्षण आयोग के अध्यक्ष ने भी भाग लेकर बच्चों की हौसला अफजाई की। मुख्य सचिव, अपर मुख्य सचिव वन, वन बल प्रमुख, प्रधान मुख्य वन संरक्षक, महालेखाकार मध्यप्रदेश, न्यायाधीश, संभागायुक्त, कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक भी शामिल हुए।अनुभूति कार्यक्रम का उद्देश्य स्कूली बच्चों को जंगल में ही शिविर लगाकर वन और वन्य-प्राणियों के संरक्षण की जानकारी देना है, ताकि इनके संरक्षण के लिये एक संवेदनशील पीढ़ी तैयार हो सके। बच्चों की जागरूकता का असर उनके घर-परिवार और समाज पर पड़ने के साथ पर्यावरण संरक्षण के प्रयासों पर भी पड़ेगा।




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