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अशोक नगर में मुख्यमंत्री के आगमन के पूर्व सपाक्स पार्टी के कार्यकर्ताओं को नोटिस
सपाक्स पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष हीरालाल त्रिवेदी ने कहा है कि अशोक नगर में मुख्यमंत्री के आगमन के पूर्व सपाक्स पार्टी के करीब 25 पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं को दिए गए शांति भंग नोटिस लोकतंत्र में गला घोटने का कुत्सित प्रयास है। त्रिवेदी ने कहा कि मुख्यमंत्री के इशारे पर पुलिस की इस कार्रवाई की हम घोर निंदा करते है। उन्होंने कहा कि हम इसकी शिकायत भारत निर्वाचन आयोग और प्रदेश के मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी को कर रहे हैं।
श्री त्रिवेदी ने कहा कि एससीएसटी एक्ट के खिलाफ अगर हमारे कार्यकर्ता मुख्यमंत्री के सामने विरोध प्रकट करते तो क्या यह कानूनन अपराध है, क्या यह आचार संहिता का उल्लंघन है ?आखिर हर नागरिक, हर मतदाता को चुनाव के समय अपनी बात को कहने का पूरा पूरा हक और अधिकार है और अशोक नगर का प्रशासन और पुलिस हमें अपने इस अधिकार से वंचित कर रही है ।उन्होंने निर्वाचन आयोग से मांग की कि वह इस मामले की जांच करें और संबंधित अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करें वर्ना सपाक्स पार्टी पूरे प्रदेश में इसके खिलाफ आंदोलन करेगी
श्री त्रिवेदी ने कहा कि हमें इस बात की आशंका है कि पूरे प्रदेश में जिस प्रकार सपाक्स पार्टी की लोकप्रियता और महत्व बढ़ता जा रहा है, उसे देखते हुए बीजेपी विशेषकर मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान हमारे खिलाफ, हमारे कार्यकर्ताओं के खिलाफ कुछ भी कार्रवाई करा सकते हैं जिसे रोका जाना जरूरी है।
ज्ञात रहे की अशोक नगर पुलिस ने सीएम शिवराज सिंह के कार्यक्रम में विरोध दर्ज ना हो, इसके लिए सपाक्स के जिला अध्यक्ष और कार्यकर्ताओं पर कानूनी शांति भंग का अपराधिक कार्रवाई की।आगामी चुनाव को देखते हुए अशोक नगर पुलिस ने सपाक्स के कार्यकर्ताओं के दिल में भय पैदा करने के लिए जिला अध्यक्ष और लोगों पर की कानूनी कार्रवाई, लोकतंत्र का गला घोटकर विद्रोह की चिंगारी को बुझाने का कुत्सित प्रयास है । पुलिस ने काम से स्पष्ट होता है कि अशोक नगर पुलिस सीएम के इशारे पर पक्षपातपूर्ण और निरंकुश कार्यवाही कर रही है।
श्री त्रिवेदी ने कहा कि लोकतंत्र में शांति प्रिय विरोध दर्ज कराना हर मतदाता, हर नागरिक का अधिकार है जिसको अशोक नगर पुलिस ने छीनने की चेष्टा की।उन्होंने अशोकनगर के टी आई पुलिस और संबंधित अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की।




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