-
दुनिया
-
फिर Political माहौल की गर्मा गरमी के बीच बेतुका फैसला, MP कांग्रेस के प्रवक्ताओं की छुट्टी
-
आमिर, सलमान के प्लेन को उड़ाने वाली MP की पायलट संभवी पाठक महाराष्ट्र के Dy CM के साथ हादसे में मृत
-
MP नगरीय विकास विभाग दागदारः दूषित पानी से बदनाम हुआ स्वच्छ Indore तो Bhopal के स्लाटर हाउस में गौ हत्या
-
साँची बौद्ध भारतीय ज्ञान अध्ययन विश्वविद्यालय में अंतरराष्ट्रीय बौद्ध विद्वान का दौरा
-
प्रतिष्ठित VIT ग्रुप के सीहोर कॉलेज में कुप्रबंधन से नाराज छात्रों का हंगामा, गाड़ियां जलाईं, तोड़फोड़…जांच कमेटी बनी
-
UMA की शराब नीति पर नजर, जाने इन लोगों की नीति में दखलदांजी पर चेतावनी
मध्य प्रदेश की शराब नीति पर सरकार को विपक्ष की जगह अपनी ही नेता की लगातार नसीहत व चेतावनी का सामना करना पड़ रहा है और आज फिर उन्होंने शिवराज सरकार को नई नीति बनाने में कुछ लोगों की दखलदांजी पर चेतावनी दे डाली है। इस बार उन्होंने नीति बनाने वाले लोगों को भी नसीहत दी है। जानिये किन लोगों की दखलंदाजी वे नहीं चाह रही हैं।
उमा भारती ने नई शराब नीति के लिए जनवरी के अंतिम सप्ताह में घर छोड़कर एक मंदिर में चार दिन बिताए थे औऱ 31 जनवरी की शाम तक उसकी प्रतीक्षा की थी जिसके बाद वे ओरछा रवाना हो गईं। वहां की एक शराब की दुकान को अवैध बताते हुए ऐलान किया था कि विधि विभाग की भूल से उसे अदालत से स्टे मिल गया है। वे उस मधुशाला को गौशाला में बदलने का ऐलान कर ओरछा के लिए निकली थीं और आज नई शराब नीति बनाए जाने में शराब ठेकेदारों की दखलंदाजी पर ट्वीट कर दिया। उन्होंने कहा कि शराब नीति बनाने में ठेकेदार और अधिकारियों की दखलंदाजी नहीं होना चाहिए। नीति में ठेकेदारों के नुकसान की जगह महिलाओं की सुरक्षा, नौजवानों के भविष्य की चिंता होना चाहिए।
अधिकारी जनसेवक, वे नीति को लागू कराएं
भारती ने शिवराज सरकार को शासक की तरह काम करने की सलाह दी और कहा कि वे शराब नीति बनाएं। अधिकारी जनसेवक हैं और उनका काम सरकार की नीति को लागू करना है। शराब के ठेकेदारों के नुकसान की चिंता नीति में नहीं दिखाई देना चाहिए।




Leave a Reply