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MP विधानसभा: स्पीकर के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव वापस होगा तो नरोत्तम, सज्जन-साधौ भी बचेंगे, दोनों पक्षों में हुई चर्चा
मध्य प्रदेश विधानसभा के बजट सत्र में जीतू पटवारी के निलंबन से शुरू हुआ सत्तापक्ष-विपक्ष के बीच का गतिरोध स्पीकर गिरीश गौतम, संसदीय कार्यमंत्री नरोत्तम मिश्रा, सज्जन वर्मा और डॉ. विजयलक्ष्मी साधौ के खिलाफ विशेषाधिकार हनन तक पहुंच गया था। होली-रंगपंचमी के अवकाश के लिए स्थगित हुई विधानसभा अब जब पुनः सत्र की कार्यवाही शुरू होगी तो तब तक सबकुछ सामान्य हो जाएगा। सत्तापक्ष-विपक्ष के बीच इन मसलों को लेकर चर्चाएं हो चुकी हैं और 13 मार्च को जब सत्र शुरू होगा तो विधानसभा में पहले जैसा ही सबकुछ होने की संभावना है।
विधानसभा के बजट सत्र की पांच दिन की कार्यवाही के दौरान जो हुआ उससे सत्र की शेष दिनों की कार्यवाही शांतिपूर्ण ढंग से होने की संभावना बहुत कम बची थी लेकिन चार से 12 मार्च तक के अवकाश अवधि मिल जाने से इस गतिरोध को दूर करने के लिए सत्तापक्ष-विपक्ष के नेताओं को शांति से सोच-विचार का समय मिल गया। सूत्र बताते हैं कि इस दौरान विधानसभा अध्यक्ष गिरीश गौतम, मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान, संसदीय कार्यमंत्री नरोत्तम मिश्रा और नेता प्रतिपक्ष डॉ. गोविंद सिंह, पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ के बीच टेलीफोनिक वार्ताएं हुईं। इसमें दोनों पक्षों ने घटनाक्रम पर चर्चा की।
बताया जाता है कि विधानसभा अध्यक्ष गिरीश गौतम के खिलाफ दी अविश्वास प्रस्ताव की सूचना को वापस ले लिया जाएगा। इसमें जीतू पटवारी के सदन में वक्तव्य के लिए माफी मांगने का मुद्दा आएगा तो उन्हें विधायक दल द्वारा माफी मांगने को कहा जा सकता है। अगर वे माफी नहीं मांगते हैं तो नेता प्रतिपक्ष उनकी तरफ से माफी मांग सकते हैं। इसी रह संसदीय कार्यमंत्री नरोत्तम मिश्रा और सज्जन वर्मा-साधौ भी सदन में अपने-अपने कृत्यों के लिए माफी मांग कर कार्यवाही को शांतिपूर्ण ढंग से संचालित करने की दिशा में कदम बढ़ा सकते हैं। भाजपा-कांग्रेस नेताओं द्वारा अपने-अपने विधायकों को ऐसा करने को प्रेरित किया जा सकता है।
यह रहा घटनाक्रम
मध्य प्रदेश विधानसभा का बजट सत्र पिछले दिनों सत्तापक्ष-विपक्ष के बीच तीखी नोंकझोंक के कारण गर्मा-गर्मी के माहौल में होली-रंगपंचमी के अवकाश के लिए स्थगित हो गया था। इस दौरान विधानसभा की कार्यवाही हंगामे के बीच चली और सदन में एक दिन तो प्रश्नकाल भी नहीं हो सका था। स्पीकर के खिलाफ कांग्रेस विधायकों ने अविश्वास प्रस्ताव पेश कर दिया तो संसदय कार्यमंत्री नरोत्तम मिश्रा ने नियमावली किताब नेता प्रतिपक्ष डॉ. गोविंद सिंह की तरफ फेंक दी। इस पर नेता प्रतिपक्ष ने उनके खिलाफ कार्रवाई की सूचना दे दी। रही सही कसर कांग्रेस के वरिष्ठ विधायकों सज्जन वर्मा व विजय लक्ष्मी साधौ ने पूरी कर दी। वर्मा नियमावली किताब को भी फाड़ दिया जिससे सत्तापक्ष के विधायकों ने उनके खिलाफ विशेषाधिकार हनन की सूचना दे दी।




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