इंदौर में बेलेश्वर महादेव झूलेलाल मंदिर की बावड़ी की छत धंसकने की घटना के बाद अब गृह विभाग जागा है। 36 लोगों की जान जाने के बाद गृह विभाग ने सभी कलेक्टरों को बावड़ी, बोरवेल व कुएं के सर्वे कर खतरनाक पाए जाने पर उन्हें पूर दिए जाने के निर्देश दिए। इसका खर्चा उन कुएं-बावड़ी-बोरवेल की जमीन के मालिकों से वसूला जाएगा जिनकी जमीन है। पढ़िये क्या गृह विभाग का आदेश।
मध्य प्रदेश की औद्योगिक राजधानी इंदौर के स्नेह नगर स्थित पटेल नगर में पिछले महीने बेलेश्वर महादेव झूलेलाल मंदिर में हादसा हुआ था जिसमें प्रशासन के जिम्मेदारों को घटना के कई घंटे बाद तक यह नहीं था कि मंदिर में कितने लोग थे जो बावड़ी में गिरे हैं। मंदिर प्रबंधन को नगर निगम द्वारा नोटिस दिए जाने के बाद भी जिम्मेदार चुप्पी साधे रहे और रामनवमी की भीड़ के साथ यह हादसा हो गया। हादसे के बाद बचाव कार्य में भी लापरवाही बरती गई जिससे 36 लोगों ने जान गंवा दी। इस हादसे में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तक चिंतित दिखाई दिए और मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान भी श्रद्धालुजनों की मौतों पर सांत्वना देे घर गईं।
आज जागा प्रशासन बावड़ी हादसे के बाद अब गृह विभाग जागा और उसने प्रदेश के सभी कलेक्टरों को कहा है कि कुएं और बावड़ी का सर्वे किया जाए। क्षतिग्रस्त कुएं बावड़ी का नाम प्रदेश कार्यकारिणी में लिखने कहा है। इसी तरह बोरवेल के छेद में से केसिंग निकालकर उन्हें वैसे ही छोड़ने से घटनाएं होती हैं। गृह विभाग ने सभी ऐसे कुएं-बावड़ी, और बोरवेल के मालिक से चर्चा की जाए और उन्हें ऐसे खतरनाक कुएं-बावड़ी-बोरवेल को पूरे जाने के निर्देश दिए हैं।
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