वर्ष 2023 वन्य प्राणियों के लिए शुभ नहीं रहा है। आने वाला नया साल टाइगर स्टेट में बाघ की मौत न हो और चीता के वंश में वृद्धि हो, ऐसी कामनाएं हम सबकी है। बीत रहे 2023 का साल जंगल महक में प्रशासनिक अराजकता के लिए भी याद किया जाएगा। कहीं सीसीएफ और सीएफ के बीच विवाद सुर्खियों में रहे तो कहीं डिप्टी रेंजर के वीडियो ने तो विभाग में पावर ऑफ पैसे के दम पर हो रही प्रशासनिक जमावट की कलई खोल दी।
कुपोषण के लिए चर्चित श्योपुर के कुनो नेशनल पार्क में केंद्र सरकार ने प्रोजेक्ट चीता को इस मंशा के साथ 300 कराया था कि चीता बाड़े से निकल कर खुले जंगल में विचरण करे। देश, विदेश और प्रदेश की पर्यटक कुनो में चीता को लम्बी छलांग भरते देखकर आनंदित हो। देश और विदेश की टूरिस्ट सर्किट में श्योपुर का नाम भी जुड़े और वहां रह रहे गरीब आदिवासियों को रोजगार मिले। केंद्र सरकार और राज्य के अफसर के बीच हुई अहं की लड़ाई में तब बड़ा झटका लगा जब एक के बाद 3 शावकों सहित 9 चीतों की मौत हो गई। मजबूरन उन्हें बारे में रखना पड़ रहा है। अभी तक पर्यटकों के लिए सफारी शुरू नहीं हो पाई है।
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