नामीबिया से लाए गए चीते अब अपनी सरहद को लांघकर दूसरे जंगल की ओर कुलांचे मारकर पहुंचने लगे हैं। कुछ दिन पहले ओबान कूनो भागा था लेकिन उसने दूसरी बार सीमा पार की और इस बार वह माधव नेशनल पार्क में पहुंच गया है जहां उसका टाइगर से आमना-सामना होने की आशंका है। पढ़िये ओबान के कूनो से माधव नेशनल पार्क पहुंचने की स्टोरी और क्या उसे वापस कूनो लाया जाएगा या स्वतंत्र छोड़ दिया जाएगा।
नामीबिया से लाए गए 19 चीतों में से ओबान को कूनो शायद रास नहीं आ रहा है और वह स्वच्छंद जंगल में अपना इलाका बनाने के लिए वहां से लगातार दूसरी बार निकल गया है। इस बार वह श्योपुर के कूनो से दूर शिवपुरी में पहले खेतों में पहुंचा और अब वह माधव नेशनल पार्क में पहुंच गया है। इसकी पीसीसीएफ जेएस चौहान ने भी पुष्टि की है। ओबान के माधव नेशनल पार्क में घुसने के बाद उस पर नजर रखी जा रही है।
हाल ही में छोड़े गए टाइगर से आमना-सामना होने की आशंका वन्य प्राणी जानकारों का कहना है कि माधव नेशनल पार्क में पिछले महीने ही तीन टाइगर छोड़े गए हैं। इधर कूनो से चीता ओबान के वहां पहुंचने से अब इन वन्य प्राणियों के बीच इलाके को लेकर आमना-सामना हो सकता है। टाइगर का भी अभी यह नया इलाका है तो चीता ओबान के लिए भी बिलकुल नया क्षेत्र है। ऐसे में ये दोनों ही वन्य प्राणी अपने-अपने दावे के लिए भिड़ भी सकते हैं और ऐसे में उस टकराव पर वन विभाग को विशेष ध्यान देना होगा। ऐसे में टाइगर या चीता ओबान को नुकसान होने से बचाने की तैयारी विभाग को करना होगी। फिलहाल चीता वापस लाने की योजना नहीं पीसीसीएफ वन्य प्राणी जेएस चौहान ने चर्चा के दौरान कहा है कि चीता माधव नेशनल पार्क पहुंच गया है। अभी उस पर नजर रखी जा रही है। फिलहाल यह विचार नहीं किया गया है कि उसे वापस कूनो में लाया जाए या नहीं। अभी उसकी गतिविधियों पर नजर रखी जा रही है। चौहान ने कहा कि माधव नेशनल पार्क के टाइगर और चीता के बीच काफी दूरी है। दोनों के आमने-सामने की अभी संभावना कम नजर आ रही है।
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