चुनाव नजदीक आते ही राजनैतिक पार्टियां सभी वर्गों के साथ ही पत्रकारों के लिए भी लुभावने वादे कर रही हैं,जिसमें पत्रकार सुरक्षा कानून लागू करना और वृद्धावस्था पेंशन देने जैसे वादे शामिल हैं,लेकिन पत्रकारों की आर्थिक सुरक्षा के लिए सबसे जरूरी मजीठिया वेज बोर्ड की सिफारिशों को लागू कराने के मामले में सभी दल मौन हैं। सन 2011 में केन्द्र सरकार द्वारा मजीठिया वेज बोर्ड की सिफारिशें लागू की गई थीं, जिसमें पत्रकारों को सम्मानजनक वेतन एवं भत्ते देने का प्रावधान था। पिछले 12 साल से पत्रकार एवं अन्य समाचार पत्र कर्मचारी मजीठिया वेतन बोर्ड की सिफारिशों को लागू कराने के लिए संघर्ष कर रहे हैं। हमारे लिए वरिष्ठ पत्रकार रवींद्र कैलासिया की रिपोर्ट।
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