अपने क्षेत्र विशेष में किसी न किसी व्यक्ति के ऊपर लीडरशिप का जिम्मा होता ही है, मायने यह रखता है कि वह उसे निभाता किस तरह से है। एक लीडर का सबसे बड़ा गुण होता है, सबको साथ में लेकर चलना। यदि यही गुण किसी लीडर में अनुपस्थित है, तो फिर उसकी लीडरशिप किसी काम की नहीं। यह बता रहे हैं पीआर कंसलटेंट अतुल मलिकराम, जो सफल क्रिकेटर कप्तान माने जाने वाले महेंद्र सिंह धोनी को लीडरशिप का श्रेष्ठ उदाहरण बता रहे हैं। पढ़िये लेखक की रिपोर्ट।
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