मध्य प्रदेश में उच्च शिक्षा विभाग में अराजकता जैसी स्थिति देखने को मिल रही है। सरकार के नाक के नीचे भोपाल में एक सरकारी कॉलेज में प्रिंसिपल का रिटायरमेंट हुआ तो दूसरे कॉलेज के प्रिंसिपल ने सरकार के आदेश के बिना व अधिकारियों से अनुमति लिए बिना ही चार्ज लेकर आहरण के अधिकार भी मांग लिए। उच्च शिक्षा विभाग के संभागीय अधिकारी के नोटिस के बाद यह सामने आया। यह प्रिंसिपल राजनीतिक असर वाले हैं और एक बार उनके खिलाफ उत्पीड़न की शिकायत भी हो चुकी है। जानिये क्या है मामला।
मध्य प्रदेश के उच्च शिक्षा विभाग में किस तरह की अराजकता की स्थिति है, यह भोपाल के एक कॉलेज के प्रभारी प्रिंसिपल के दूसरे कॉलेज में बिना आदेश, बिना अनुमति के चार्ज ले लिया और आहरण के अधिकार मांगने की चिट्ठी लिख दी। यह प्रभारी प्रिंसिपल भोपाल के नवीन कॉलेज के मुकेश दीक्षित हैं। दीक्षित ने पिछले दिनों एमएलबी कॉलेज भोपाल की प्राचार्य डॉ. ममता चंसोरिया के 28 फरवरी 2023 को स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति लेने के बाद प्राचार्य का प्रभार ले लिया था। इसके बाद तीन मार्च को उच्च शिक्षा मंत्री डॉ. मोहन यादव के हाथों एमएलबी कॉलेज में उन्होंने नए प्रशासनिक भवन लोकार्पण भी कराया था।
संभागीय उच्च शिक्षा कार्यालय से पत्र ने खोला रहस्य एमएलबी कॉलेज के प्रशासनिक भवन के लोकार्पण कार्यक्रम के बाद उच्च शिक्षा विभाग के भोपाल-नर्मदापुरम संभाग के क्षेत्रीय कार्यालय से डॉ. मुकेश दीक्षित को एक पत्र भेजा गया तब यह रहस्य खुला कि वे बिना आदेश और बिना वरिष्ठ अधिकारियों की अनुमति के एमएलबी कॉलेज के प्रभारी प्राचार्य बनकर बैठे हैं। क्षेत्रीय कार्यालय के अतिरिक्त संचालक डॉ. मथुरा प्रसाद ने छह मार्च को यह पत्र भेजा। इसमें डॉ. दीक्षित के एक मार्च 2023 को एमएलबी कॉलेज के प्रभारी प्राचार्य का पद ग्रहण कर लेने और आहरण के अधिकार मांगने संबंधी पत्र का हवाला देते हुए उनसे स्पष्टीकरण मांगा गया है। क्षेत्रीय अतिरिक्त संचालक कार्यालय ने दीक्षित से पूछा है कि वे यह बताएं कि उन्होंने नवीन कॉलेज के प्रभारी प्रिंसिपल का दायित्व आहरण के अधिकार होने के बावजूद एमएलबी कॉलेज के प्रिंसिपल का दायित्व ग्रहण करने के लिए शासन या वरिष्ठ कार्यालय से कोई अनुमति प्राप्त की है। अगर अनुमति ली है तो अवगत कराएं और नहीं तो फिर कैसे आपने एक कॉलेज का प्रिंसिपल दायित्व होने आहरण अधिकार होने के बाद भी एमएलबी कॉलेज के प्रिंसिपल का दायित्व ग्रहण किया। इस मामले में उच्च शिक्षा आयुक्त कर्मवीर शर्मा से बात करने का प्रयास किया गया लेकिन उन्होंने मोबाइल अटैंड नहीं किया और न ही एसएमएस का जवाब ही दिया।
दीक्षित के खिलाफ हो चुकी है उत्पीड़न की शिकायत दीक्षित के खिलाफ करीब दस साल पहले एमएलबी कॉलेज की एक ही महिला प्राध्यापक ने उत्पीड़न की शिकायत की थी। प्राचार्य से लेकर उच्च शिक्षा मंत्री तक को यह शिकायत हुई थी और उन्होंने अपनी जान तक को उनसे खतरा बताया था। तब उन्हें यहां से हटाया गया था। पिछले साल भी जब एमएलबी कॉलेज में डॉ. ममता चंसोरिया की पदस्थापना हुई थी तो उन्होंने कार्यभार देने में काफी परेशानियां पैदा की थीं और एक बार तो ममता चंसारिया को चार्ज लिए बिना ही लौटना पड़ा था।
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