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कहीं देर न हो जाए, भाजपा की त्रि-नेत्री, अपनी-अपनी धाराओं में बह रहीं
मध्य प्रदेश में भाजपा के लिए विधानसभा चुनाव 2023 उतना आसान नहीं है जितना समझ आ रहा है। पार्टी के भीतर असंतोष का ज्वालामुखी है तो वहीं नेताओं के अहंकार को दर्शाने वाले बयान, चुनाव की दिशा-दशा बदलने के लिए काफी हैं। इन दिनों भाजपा की तीन महिला नेताओं के तेवर तीखे हैं और उनके बयानों के चर्चे भी हैं। पूर्व मुख्यमंत्री उमा भारती की नाराजगी चुनाव में पार्टी को दूसरे असंतुष्टों का साथ मिलने पर भारी पड़ सकती है तो शिवराज कैबिनेट की सदस्य उषा ठाकुर और भोपाल की सांसद प्रज्ञा सिंह ठाकुर के वक्तव्य भी चुनावी फिजा में मतदाताओं को प्रभावित कर सकते हैं।
भाजपा में असंतुष्ट नेताओं की संख्या कमलनाथ सरकार को गिराकर भाजपा में शामिल हुए नेताओं के कारण बड़ी है। शिवराज सरकार को सत्तासीन कराने में मदद करने वाले पूर्व कांग्रेस नेताओं को टिकट दिए जाने व मंत्री बनाए जाने की रणनीति अपनाए जाने से कई वरिष्ठ नेता खफा चल रहे हैं। इनमें गौरीशंकर शेजवार, अजय विश्नोई, अनूप मिश्रा, जयंत मलैया, दीपक जोशी, जयभान सिंह पवैया, केपी यादव तो खुलकर सामने भी आ चुके हैं लेकिन जो इस तरह खुलकर सामने से बचते रहे हैं, उनकी संख्या इससे भी कहीं ज्यादा है। खुलकर सामने आने वाले उपरोक्त नेताओं में सबसे ऊपर नाम पूर्व मुख्यमंत्री उमा भारती का है जो लंबे समय से गाहे-ब-गाहे विरोध के स्वर न केवल बोलती हैं बल्कि सोशल मीडिया पर भी वायरल कर देती हैं।
भारती ने अपने समाज के लोगों से जो कहा, वह असंतोष का उदाहरण
हाल ही में उन्होंने अपने लोधी समाज के एक कार्यक्रम में उन्होंने साफ शब्दों में कह दिया कि वे पार्टी की समर्पित नेता हैं और इस नाते वे वोट मांगने उनके पास आएंगी लेकिन आप लोग भाजपा के कार्यकर्ता नहीं हो तो अपने मान-सम्मान व हितों का ध्यान रखना। जहां हितों का संरक्षण मिले या मान-सम्मान मिले उसे वोट देना। उनका यह साफ मतलब था कि अगर भाजपा की ओर से उन्हें मान-सम्मान नहीं मिले और उन्हें लगे कि उनके हितों की पार्टी रक्षा नहीं कर रही है तो उनके वोट मांगने की अपील पर ध्यान नहीं देना।
जनप्रतिनिधि कर रहीं हथियारबंद होने की अपील
विधानसभा चुनाव की दहलीज पर खड़े मध्य प्रदेश में भाजपा की महिला नेताओं के हथियारबंद होने के बयानों से पार्टी को फायदे-नुकसान की चर्चा होने लगी है। मंत्री उषा ठाकुर ने शस्त्र लायसेंस लेने की अपील कर कांग्रेस को मौका दे दिया है। नेता प्रतिपक्ष डॉ. गोविंद सिंह ने मंत्री के बयान पर यह कहा है कि मध्य प्रदेश की सरकार तालिबानी होती जा रही है। मंत्री तालिबान से ट्रेनिंग लेकर आई हैं। इसी तरह भोपाल से सांसद प्रज्ञा सिंह ठाकुर ने कर्नाटक में घर में सब्जी काटने के लिए तेज धार वाला चाकू अवश्य रखने की बात कही है। उन्होंने इसका उपयोग गर्दन काटने की जरूरत पड़ने पर करने की सलाह भी दी।




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