मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल के प्रतिष्ठित बिलाबांग स्कूल की तीन साल की एक बच्ची के साथ दुष्कर्म के बहुचर्चित मामले में ड्राइवर और केयरटेकर महिला को दोषी पाया गया है। ड्राइवर को जहां मरते दम तक के कारावास की सजा सुनाई गई है तो केयरटेकर महिला को 20 साल की सजा से दंडित किया गया है।
भोपाल के बिलाबांग स्कूल में तीन महीने पहले तीन साल की एक बच्ची के साथ स्कूल बस में दुष्कर्म की घटना सामने आई थी जिसमें 12 सितंबर को एफआईआर दर्ज हुई थी। बिलाबांग स्कूल प्रबंधन ने इस मामले को गलत बताया था लेकिन पुलिस के मामले की जांच के दौरान ड्राइवर हनुमत जाटव-केयरटेकर महिला उर्मिला साहू के खिलाफ साक्ष्य मिले। पुलिस ने 32 लोगों को गवाह बनाकर अदालत के सामने पेश किया।
तीन महीने में फैसला
स्कूली बच्ची से दुष्कर्म मामले में अदालत के फैसले को लेकर कार्यालय पुलिस आयुक्त नगरीय पुलिस द्वारा जारी बयान में बताया गया है कि बहुचर्चित मामले में विशेष अदालत में न्यायाधीश शैलजा गुप्ता ने सुनवाई करते हुए आरोपी ड्राइवर हनुमत जाटव और उर्मिला साहू को दोषी पाया। जाटव को मरते दम तक के कारावास और उर्मिला साहू को 20 साल कारावास की सजा सुनाई।
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