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किसान विरोधी कहने वालों के मुंह बंद करेगी प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना: मोदी
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि किसानोंके लिए एक्सपोर्ट की योजनाएं बनाईं और इम्पोर्ट कम करने के लिए योजनाएं बनाईं। बीजेपी की जब सरकार आती है तो किसानों के कल्याण का काम करती है। जितने किसान बीमा से जुड़ेंगे उतनी सरकार की तिजोरी भरेगी। इस योजना का किसान लाभ उठाएं। सिक्कम पहला आर्गेनिक स्टेट बना है और आर्गेनिक फसल को बढ़ावा दें।
मोदी ने कहा कि अगर किसान को पानी मिल जाए तो वह मिट्टी को भी सोना बना सकता है। सरकार नेशनल एग्रीकल्चर मार्केट बना रही है। किसीनों के लिए डिजीटल कान्सेप्ट है। किसान मोबाइल पर अपनी फसल का रेट रोजाना देख सकेगा। गांव का पानी गांव में रहे, इसके लिए सीमेंट के बोरों में पत्थर भरकर पानी रोक दें तो भरपूर पानी मिलेगा। फसल को पानी में डूबोएगो तो फसल अच्छी होगी, यह गलत है, पानी बूंद बूंद दोगे तो ही फसल अच्छी होगी।
पहले चिट्ठियां आती थीं कि यूरिया पर्याप्त नहीं मिलता और 2014 तक लोगों को लाठियां खाना पड़ती थीं। आज यूरिया बंट जाता है पता ही नहीं चलता। आज यूरिया की कालाबाजारी बंद हो गई और यूरिया की पैदावार 2015 में रिकॉर्ड वृद्धि हुई है। अब नीम कोटिंग वाला यूरिया दिया जा रहा है जो फसल को बहुत फायदा करता है व जमीन की उर्वरा शक्ति को बढ़ाता है। नीम कोटिंग के कारण अब यूरिया केवल किसान के काम आ रहा है जबकि पहले उद्योगों व अन्य काम में यूरिया चला जाता था।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि मैं आज विशेष रूप से मध्यप्रदेश के किसानों के दर्शन करने आया हूं। दस साल पहले हिंदुस्तान के एग्रीकल्चर के नक्शे पर मध्यप्रदेश का नामोनिशान नहीं था। कृषि क्षेत्र में देश में योगदान करने वाले राज्यों में पंजाब, गंगा, यमुना, गोदावरी जैसे इलाकों के राज्य ही जाने जाते थे लेकिन मध्यप्रदेश की शिवराज सरकार के कारण आज कृषि क्षेत्र में मध्यप्रदेश का योगदान ज्यादा हो ग या है। चार-चार साल लगातार कृषि क्षेत्र का अवार्ड पाना छोटी बात नहीं है।
मोदी ने कहा कि विपरीत मौसम के बाद भी हमारे देश का किसान पैदावार में कमी नहीं आने देता। मध्यप्रदेश के किसानों का ज्यादा योगदान रहा है और इसीलिए आज प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना यहां लागू की जा रही है। इस योजना में किसान की प्रीमियम की सीमा तो तय की है लेकिन उसकी फसल का नुकसान पूरा मिलेगा। अगर कोई एक किसान को फसल में नुकसान हुआ है तो उसे भी पूरा लाभ मिलेगा। अगर बारिश नहीं हुई और किसान ने पहले की योजना में यह बातें नहीं थीं।
मोदी को किसान विरोधी कहने वालों के लिए प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना का मुंह बंद कर दिया है। यह योजना ऐसी है कि किसान को उनके नुकसान की पूरी भरपाई करेंगे।
मोदी ने कृषि मंत्री और अन्य लोगों को संकल्प दिलाया कि हम अपने किसानों की आय देश की आजादी के 75 साल पूरे होने के वर्ष 2022 में दोगुना करना है। प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना का लोकार्पण किया और मृदा स्वास्थ्य कार्ड भी बांटे गए।
मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने किसानों से अपने अंदाज में सीधी बात की। कभी उनकी हां में हां मिलवाई तो कभी उनसे हाथ उठवाकर समर्थन पाया। उन्होंने मोदी के चुनाव के समय दिए गए अच्छे दिन के नारे को लेकर सम्मेलन में आए किसानों से कहा कि मोदी जी ने किसानों को सूखा राहत के मुआवजे के लिए दो हजार करोड़ रुपए दिए हैं, नई फसल बीमा योजना लाए हैं तो बताओ अच्छे दिन आए कि नहीं। नदियों को जोड़ा जा रहा है। सात लाख हैक्टेयर में सिंचाई करने का लक्ष्य है जो अभी केवल 36 हजार हैक्टेयर में सिंचाई हो पा रही है।
चौहान ने कहा कि कांग्रेस के समय फसल बीमा योजना ऐसी थी जो बैंक के कर्ज का बीमा था। तब फसल बीमा योजना के नाम पर केवल प्रीमियम ही जमा होती थी। हमने किसानों को जीरो ब्याज पर कर्ज उपलब्ध कराया। मोदी जी ने जापान, कोरिया, दुबई, फ्रांस सभी जगह नाम हो गया और उन्होंने भारत का नाम बढ़ाया है। दूसरी तरफ कांग्रेस भी मोदी मोदी जाप करती है। चौहान ने मोदी को किसान मित्र बताते हुए उन्हें हल चिन्ह भेंट किया और स्मृति चिन्ह सौंपा।
केंद्रीय कृषि मंत्री राधामोहन सिंह ने कहा कि किसान समृद्ध होगा तो देश भी समृद्ध होगा। ई फसल बीमा योजना में किसान खरीफ फसल के लिए दो फीसदी, रबी फसल के लिए डेढ़ फीसदी और बागवानी व कारोबारी फसलों के लिए पांच फीसदी प्रीमियम किसानों को देना होगा। शेष प्रीमियम राज्य व केंद्र सरकार अपने हिस्से से जमा करेंगी। यह फसल बीमा योजना किसानों के लिए आपदा की स्थिति में फसल खराब होने पर बहुत लाभकारी साबित होगी।
विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पहली कैबिनेट बैठक में अपना लक्ष्य बता दिया था कि गरीबों की उन्नति हो और किसानों की समृद्धि हो। किसानों की समृद्धि के लिए हमारी सरकार लगातार काम कर रही है और नई फसल बीमा योजना से किसानों को आपदा के समय होने वाले नुकसान से राहत मिलेगी।
इसके पहले सम्मेलन में केंद्रीय मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर, थावरचंद गेहलोत, प्रदेश बीजेपी अध्यक्ष नंदकुमार चौहान ने भी भाषण दिया। पार्श्व गायिका उषा मंगेशकर ने ए मेरे वतन के लोगों… की प्रस्तुति देकर किसानों की तालियां बटोरी।




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