मध्य प्रदेश में चुनावी साल शुरू हो चुका है और उसके लिए प्रशासनिक जमावट तेज हो गई है। पसंद-नापसंद के अफसरों को यहां से वहां और वहां से यहां किया जा रहा है। राजस्व विभाग में 918 पटवारियों की तबादला सूची जारी की गई है जिसे गौर से देखने के बाद यह चुनावी ट्रांसफर सूची ज्यादा लगती है। पटवारी जैसे राजस्व विभाग के सबसे निचले क्रम के कर्मचारियों को 1000 किलोमीटर तक दूर की पदस्थापना की गई है जो मानवीय आधार पर सही प्रतीत नहीं होती है। हालांकि इनमें से कुछ तबादलों में कर्मचारियों से सहमति लिखवाकर ट्रांसफर करने की संभावना से भी इनकार नहीं किया जा सकता है।
कार्यालय आयुक्त भू-अभिलेख की 13 नवंबर को जारी वायरल हो रही तबादला सूची के 685 क्रम पर अनुसूचित जनजाति के दीपक जामरा पटवारी की पदस्थापना सिंगरौली से आलीराजपुर करने के आदेश दिए गए हैं जिसकी दूरी 1056 किलोमीटर है। सूची में सबसे पहले नंबर पर निमाड़ के खंडवा के ओबीसी पटवारी संजय सिंह कौरव का नाम है जिन्हें 611 किलोमीटर दूर ग्वालियर में स्थानांतरित किया गया है। दसवें नंबर पर रीवा के अनुसूचित जाति के चेतन अहिरवार को 480 किलोमीटर दूर रायसेन में पदस्थ कर दिया गया है। 26वें नंबर पर सौरभ श्रीवास्तव को 431 किलोमीटर दूर शिवपुरी से रीवा में ट्रांसफर किया गया है। 44वें नंबर एक महिला पूजा चौहान को रीवा से 731 किलोमीटर दूर धार में पदस्थ किया गया है।
राजनीतिक जरूरत के हिसाब से ट्रांसफर
पटवारी जैसे राजस्व विभाग के छोटे से कर्मचारी की 1000-500 किलोमीटर दूर ट्रांसफर होने से कई सवाल खड़े होते हैं। इनकी राजनीतिक जरूरत ज्यादा दिखाई देती है। इसमें विपक्षी नेताओं के चहेतों को परेशान करना या अपनों अपने हिसाब से ट्रांसफर किए जाने की संभावनाओं से भी इनकार नहीं किया जा सकता है।
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