आदिवासी समुदाय के बच्चों ने मध्य प्रदेश स्थापना दिवस के मौके पर शनिवार अपनी बोली में लोकगीत और अपने लोकनृत्यों की आकर्षक प्रस्तुति दी गई। आयोजन भोपाल के बावड़िया कलां स्थित एकलव्य आदर्श आवासीय (गुरुकुलम) विद्यालय में हुआ जिसमें बिरसा मुंडा-टंट्या मामा का गौरव गान गाया।
जनजातीय कार्य विभाग के अधीन संचालित बावड़िया कला स्थित एकलव्य आदर्श आवासीय (गुरुकुलम्) विद्यालय में जिला प्रशासन द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम की शुरुआत मध्यप्रदेश की संस्कृतिक का अभिन्न अंग रही छत्तीसगढ़ी बोली के साथ हुई। वंशिका व उन्नति ने छत्तीसगढ़ी लोक गीत गाया और चांदनी व नेहा के समूह ने गोंडी नृत्य की प्रस्तुति दी। मध्यप्रदेश की आदिवासी संस्कृति की गौरव गोंडी बोली में शुचिता ने ‘ओ महुआ गिरे रे…’ लोक गीत गाया। दीपिका व राधा के समूह ने मध्यप्रदेश की समस्त आदिवासी संस्कृति को समाहित करता हुआ ‘आदिवासी जंगल का रखवाला रे…’ गीत पर समूह नृत्य की प्रस्तुति दी। इसमें आदिवासी जननायक बिरसा मुंडा व टंट्या मामा का गौरव गान किया गया।
कटारा हिल्स स्थित ज्ञानोदय विद्यालय के विद्यार्थियों के समूह ने गोंडी कर्मा नृत्य की शानदार प्रस्तुति दी जिसमें उन्होंने जनजातीय कला व संस्कृति की झलक दिखाई। अदिति ने बालिकाओं की श्रेष्ठता पर आधारित भावात्मक कविता पाठ किया। ‘बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ’ के संदेश पर आधारित नाटक का मंचन किया गया जिसमें विद्यार्थियों ने बालिका शिक्षा की महत्ता को दर्शाया। कार्यक्रम का समापन मध्यप्रदेश गान के साथ हुआ। सभागार में उपस्थित सभी दर्शकों ने खड़े होकर साथ में मध्यप्रदेश गान गाया। अपर कलेक्टर संदीप केरकेट्टा कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि उपस्थित रहे। इस अवसर पर सहायक आयुक्त अवनीश चतुर्वेदी, सहायक संचालक अनिल सोनी व एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय के प्राचार्य वाय.पी. सिंह उपस्थित रहे।
Leave a Reply