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भोपाल की नगर सरकार बनी मजाक, नाम बदलने की होड़ में बिना जानकारी जुटाए सांसद ने प्रस्ताव रखा
इतिहास की तथाकथित गलतियों को सुधारने की मंशा बताकर नाम बदलने की सरकारों में गाहे-ब-गाहे होड़ करती हैं और मध्य प्रदेश में भी यह इन दिनों खूब चल रहा है। इस होड़ में कोई भी पीछे नहीं रहना चाहता है। इस होड़ में भोपाल की सांसद अपने आपको पीछे होता देखकर गुरुवार को अचानक नगर सरकार यानी नगर निगम परिषद की बैठक में पहुंच गईं। वहां उन्होंने दो ऐसे प्रस्ताव रखे जिनका सदन के भीतर उस समय तालियां बजाकर सभी ने स्वागत किया लेकिन सांसद के जानकारी नहीं जुटाने की वजह से अब नगर सरकार की बैठक का ही मजाक बनाया जा रहा है। सांसद ने जिन प्रस्तावों को रखा था, दरअसल उनके नाम पहले ही परिवर्तित किए जा चुके हैं। ऐसे में अब नगर निगम परिषद के पदाधिकारी भी जुबानी सफाई देते घूम रहे हैं।
भोपाल नगर निगम के इतिहास में सांसद प्रज्ञासिंह ठाकुर परिषद की बैठक में दो प्रस्ताव लेकर पहुंची थीं। यह दोनों प्रस्ताव भोपाल नवाबकाल के समय दो स्थानों के नामों को बदलने के थे। लालघाटी और उसी क्षेत्र में स्थित बस स्टैंड के नाम को बदलकर महंत नारायण दास सर्वेश्वर चौराहा और हनुमानगढ़ बस स्टैंड करने का था लेकिन सांसद महोदय प्रस्ताव लाने के पहले यह जानकारी जुटाना भूल गईं कि अभी उनके नाम क्या हैं।
हलालपुर बस स्टैंड अभी महंत श्री नरहरिदास
किसी समय हलालपुर के नाम से जाने जाने वाले बस स्टैंड को काफी समय पहले गुफा मंदिर के महंत श्री नरहरिदास के नाम पर कर दिया गया था। मगर सांसद ठाकुर को यह जानकारी नहीं थी जबकि यह बस स्टैंड भोपाल की सबसे व्यस्ततम सड़क भोपाल-इंदौर मार्ग पर ही है। इस सड़क पर आम दिनों में ही हजारों वाहन दिनभर में निकलते हैं और हरेक की नजर महंत श्री नरहरिदास बस स्टैंड के लंबे से बोर्ड पर भी पड़ती है। सांसद ठाकुर का अपने क्षेत्र के बारे में ज्ञान को लेकर सवाल खड़े होते हैं क्योंकि मुख्य सड़क किनारे स्थित किसी स्थान के नाम की जानकारी उन्हें कैसे नहीं है।
संत हिरदाराम नगर नाम बदलकर भूले नेता
दूसरी बड़ी बात यह भी सामने आती है कि नाम बदलकर उसकी अधिसूचना जारी की जाती है लेकिन अधिसूचना जारी होने के बाद अधिकारी-जिम्मेदार जनप्रतिनिधि उसे भूल क्यों जाते हैं। भोपाल के उपनगर बैरागढ़ को संत हिरदाराम नगर करने के बाद ऐसी ही कुछ हुआ क्योंकि आज भी बस स्टैंड जैसे सार्वजनिक स्थान पर बैरागढ़ ही लिखा है। यह महंत श्री नरहरिदास बस स्टैंड पर साफ देखा जा सकता है।
अब सफाई में यह….
नगर निगम परिषद की बैठक में सांसद प्रज्ञासिंह ठाकुर के प्रस्ताव को लेकर अब निगम अध्यक्ष किशन सूर्यवंशी कुछ इस तरह सफाई देते नजर आ रहे हैं। वे कह रहे हैं कि सांसद महोदय की मंशा अच्छी थी। अगर पूर्व में उन स्थानों के नाम बदल दिए गए हैं तो वे उन्हीं नाम से जाने जाएंगे और परिषद के प्रस्तावों के शब्दों का इस्तेमाल नहीं किया जाएगा। इसीलिए पहले परीक्षण कराया जा रहा है। वहीं, परिषद की बैठक में साफतौर पर यह दिखाई और सुनाई दिया था कि सांसद महोदय के दोनों प्रस्तावों को सर्वसम्मति से पारित कर दिया गया। इस पर तालियां भी बजायी गईं।




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