मध्य प्रदेश उर्दू अकादमी, संस्कृति विभाग द्वारा “आज़ादी का अमृत महोत्सव” के अंतर्गत अंतर महाविद्यालयीन और अंतर विद्यालयीन भाषण प्रतियोगिता का आयोजन किया गया जिसमें प्रदेश के विभिन्न शहरों के महाविद्यालयों एवं विद्यालयों के छात्र छात्राओं ने भाग लिया।
उपरोक्त भाषण प्रतियोगिता का निर्णायक मंडल प्रोफ़ेसर बिलक़ीस शाद एवं डॉ. अनीसा ख़ातून पर आधारित था.. निर्णायक मंडल के संयुक्त निर्णय से अंतर महाविद्यालयीन स्तर पर डी ए ए वी, इंदौर के अरशद मुल्तानी को प्रथम, गीतांजलि कन्या महाविद्यालय, भोपाल की रूबी खातून को द्वित्तीय एवं महारानी लक्ष्मी बाई कन्या महाविद्यालय, भोपाल की सारा मसूद को तृत्तीय पुरूस्कार से सम्मानित किया गया वहीं अंतर विद्यालयीन स्तर पर एल जी एस स्कूल, भोपाल के तैयब अंसारी को प्रथम एवं एल जी एस स्कूल की ही छात्रा मदीहा हसन ख़ान को द्वित्तीय पुरूस्कार से सम्मानित किया गया।
कार्यक्रम के प्रारम्भ में उर्दू अकादमी की निदेशक डॉ नुसरत मेहदी ने अतिथियों का स्वागत कर आयोजन के उद्देश्यों पर प्रकाश डाला. उन्होंने कहा कि जैसा कि आप सभी जानते हैं कि इस वक़्त पूरा मुल्क आज़ादी का अमृत महोत्सव के तहत 75 साला जश्न मना रहा है। मध्य प्रदेश उर्दू अकादमी ने इस अवसर पर आज़ादी से संबंधित विषयों( स्वाधीनता आंदोलन में उर्दू भाषा की भूमिका एवं स्वतंत्रता सैनानियों के बलिदान पर आधारित) पर अंतर विद्यालयीन एवं अंतर महाविद्यालयीन भाषण प्रतियोगिता का आनलाइन आयोजन किया था जिसके ज़रिए हमारा मक़सद था कि प्रदेश के विद्यार्थियों को स्वाधीनता आंदोलन और उसमें शहीद होने वालेे स्वतंत्रता सैनानियों के बलिदान के बारे में जानकारी प्राप्त हो सके। हमें खुशी है कि प्रदेश के विभिन्न शहरों से विद्यार्थियों ने इसमें भाग लिया और आज़ादी से संबंधित विषयों पर जोश से भरपूर भाषण दिए।कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे वरिष्ठ लेखक देवी सरन ने उर्दू अकादमी के इन प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि इस तरह के कार्यक्रमों के आयोजन से बच्चों में जोश और हिम्मत का जज़्बा पैदा होता है। स्वाधीनता आंदोलन में उर्दू भाषा की अहम भूमिका रही है। इंकलाब ज़िंदाबाद का नारा उर्दू में ही था। उर्दू में भाषण का एक अपना पहलू होता है और उसका ज़्यादा प्रभाव अवाम पर या सुनने वाले पर पड़ता है।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि डॉ. अली अब्बास उम्मीद ने कहा कि आज के इस कार्यक्रम में जिन बच्चों ने भाग लिया है उनके भाषण सुन कर अंदाज़ा हुआ कि उन्होंने इसकी पूरी तरह तैयारी की है और गए विषयों के साथ पूरा इन्साफ़ किया है।
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