शारदीय नवरात्रि के अवसर पर जनजातीय लोक कला एवं बोली विकास अकादमी द्वारा देवी के विविध रूपों को प्रदर्शनकारी कला विधाओं के साथ समवेत करते हुए तीन दिवसीय सिद्धा समारोह का आयोजन जनजातीय संग्रहालय भोपाल के मुक्ताकाश मंच पर किया जा रहा है। 07 से 09 अक्टूबर, 2021 तक आयोजित समारोह में देवी के 108 स्वरूपों में से आद्या स्वरूप को भरतनाट्यम शैली में, दुर्गा स्वरूप को गणगौर और कथक शैली और जया स्वरूप को बुन्देली एवं समकालीन नृत्य विधाओं पर केन्द्रित कर नृत्य नाटिकाओं के माध्यम से तथा इसके साथ ही देवी की महिमा के गान को बुन्देली , बघेली और निमाड़ी बोली में संयोजित किया जा रहा है।
प्रस्तुति सायं 6.30 बजे से होगी एवं समारोह के पहले दिन 7 अक्टूबर को भोपाल की दीपा श्रीवास्तव और साथियों द्वारा बुन्देली भक्ति गायन एवं भोपाल की मंजूमणि हतवलने और साथियों द्वारा भरतनाट्यम शैली में आद्या नृत्य नाटिका की प्रस्तुति दी जाएगी। दूसरे दिन 8 अक्टूबर को भोपाल की शीला त्रिपाठी और साथियों का बघेली भक्ति गायन एवं बड़वाह के संजय महाजन और साथियों द्वारा गणगौर और कथक शैली में दुर्गा नृत्य नाटिका की प्रस्तुति दी जाएगी। समारोह के तीसरे दिन 9 अक्टूबर को खण्डवा की सौम्या मंगरोले और साथियों द्वारा निमाड़ी भक्ति गायन एवं भोपाल के योगेंद्र सिंह राजपूत और साथियों द्वारा बुन्देली और समकालीन नृत्य विधाओं में जया नृत्य नाटिका की प्रस्तुति दी जाएगी। समारोह में आप सादर आग्रहपूर्वक आमंत्रित हैं एवं कार्यक्रम के लिए प्रवेश निःशुल्क है| समारोह की प्रस्तुति का प्रसारण संग्रहालय के यूट्यूब चैनल https://youtu.be/zZI5x6xkuqo और फेसबुक पेज https://fb.me/e/1SqWIYEam पर लाइव प्रसारित किया जायेगा।
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