भाजपा सरकार बेरोजगार नौजवानों को भ्रम में डालने और लालच देने के लिए प्रत्येक चुनाव के ऐन पहले नौकरियों और रिक्तियों की घोषणा करने लगती है। प्रदेश कांग्रेश मीडिया के उपाध्यक्ष भूपेंद्र गुप्ता ने कहा कि आगामी उपचुनाव को देखते हुए, तीसरी बार आरक्षक भर्ती परीक्षा की घोषणा की गई है।
वर्ष 2018 में विधानसभा चुनाव के पूर्व पुलिस मुख्यालय से विज्ञप्ति जारी कर आरक्षक भर्ती की घोषणा की गई थी। उसके बाद 2020 में इन्हीं भर्तियों की घोषणा 28 उपचुनावों के पूर्व की गई और अब इसी आरक्षक भर्ती की परीक्षा पीईवी के माध्यम से की गई है क्योंकि चुनाव सामने हैं। हैरत की बात है कि ये परीक्षाएं जनवरी 2022 में आयोजित की जाएंगी, तब आज उपचुनाव के पूर्व ऐसी विज्ञप्ति पीईवी ने जारी कर बेरोजगार नौजवानों को गाजर दिखाने की कोशिश की है।प्रदेश के 35 लाख बेरोजगार भारतीय जनता पार्टी के छलावे को समझते हैं और चिड़िया उड़ के सिद्धांत में फंसने वाले नहीं हैं। आज सौदे से सरकार बनाए हुए 2 साल होने वाले हैं तब इन आरक्षक भर्तियों का ख्याल क्यों नहीं आया? आज चुनाव सर पर आ गए हैं तो खाली कनस्तर बजा रहे हैं। गुप्ता ने भाजापा को बेरोजगारों का सबसे बड़ा दुश्मन बताया है।
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