मध्यप्रदेश जनजातीय संग्रहालय के ‘लिखन्दरा दीर्घा’ में गोण्ड समुदाय के चित्रकार कौशल प्रसाद तेकाम के चित्रों की प्रदर्शनी ‘शलाका 18’ का प्रदर्शन किया जा रहा है। लिखन्दरा पुस्तकालय की प्रदर्शनी दीर्घा में ‘शलाका 18’ चित्रकला प्रदर्शनी 03 से 30 अक्टूबर, 2021 तक जारी रहेगी। चित्रकला प्रदर्शनी में प्रदर्शित चित्र विक्रय हेतु हैं जिन्हें चित्रकार से क्रय किया जा सकता है।
बातचीत में चित्रकार कौशल प्रसाद तेकाम ने बताया कि उनके बनाए 26 चित्रों को प्रदर्शनी में प्रदर्शित किया गया है। वे करीब 15 वर्ष से लगातार चित्रकारी कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि बचपन में वे अपने साथियों के साथ जंगल में कभी खेलने तो कभी गाय-बकरी चराने जाते थे। खेल-खेल में किसी पोखर-नदी किनारे गीली मिट्टी से खिलौने इत्यादि गढ़ने का खेल भी खेलने लगते। समय-समय पर घर की लिपाई-पुताई में माँ एवं बहनों के सहयोग ने भी अपनी परम्पराओं से जोड़े रखा। वहीं से कौशल ने अपनी माँ से ढिगना बनाना भी सीखा, जिनका समय-समय पर इन्होंने अपने चित्रों में उपयोग भी किया। जब पाटनगढ़ एक कलाग्राम के रूप में विकसित हो रहा था, उस समय वरिष्ठ गोण्ड चित्रकार श्री आनंद सिंह श्याम ने गाँव में युवाओं को प्रशिक्षण देने के उद्देश्य से एक चित्र कार्यशाला आयोजित की, जिसमें प्रत्येक घर से युवाओं को घरों की दीवारों, कागज पर चित्र बनाने के लिए प्रोत्साहित किया गया। शलाका-18 प्रदर्शनी में चित्रकार कौशल के चित्रों में वृक्ष कटाई और लकडहारा की कथा, बड़ा देव पूजन, मछली और बांस पर पक्षी, बारसिंगा जोड़ा और वृक्ष एवं गांव के परिवेश के साथ साथ वातावरण, पर्यावरण जैसे अन्य विषय भी दिखाई देते हैं। कौशल की चित्रकला यात्रा में मुम्बई, दिल्ली, बड़ोदरा, बैंग्लोर इत्यादि नगरों में पत्नी मंगली के साथ अपने बनाये चित्रों को विभिन्न कला दीर्घाओं, कला मेलों में प्रदर्शित किया।
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