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मुख्यमंत्री के स्वेच्छानुदान से भी वंचित हैं पीड़ित नागरिक: भूपेन्द्र गुप्ता
मध्य प्रदेश सरकार के लघु उद्यम मंत्री ओम सकलेचा ने विगत दिनों आरोप लगाया था कि 80 परसेंट सरकार नौकरशाहों ने हाईजैक कर रखी है,जिसकी पुष्टि स्वयं मुख्यमंत्री द्वारा ही उनकी हिदायतों में की जा रही है।बाढ़ की त्रासदायी समस्यायों से जूझते पीड़तों को 45 दिन बाद भी राहत राशि न पहुंचने की स्वीकरोक्ति ही सरकार के नाकारा होने का प्रमाण है। बाढ से प्रभावित पूरे 52 हजार पीड़ितों को ही खाद्यान्न नहीं पहुंचा है।यह शर्मनाक स्थिति है।प्रदेश कांग्रेस के मीडिया उपाध्यक्ष भूपेन्द्र गुप्ता ने जीएडी विभाग द्वारा जारी सरक्यूलर की कापी जारी करते हुये आश्चर्य व्यक्त किया कि स्वयं मुख्यमंत्री के स्वेच्छानुदान की राशि भी हितग्राहियों तक नहीं पहुंच पा रही है और सरकार को कलेक्टरों को हिदायत जारी करना पड़ रही है।
गुप्ता ने कहा सरकार पर चुने हुये जनप्रतिनिधियों की वरीयता स्थापित करने की जिम्मेदारी है।सिस्टम पर और पूरी सरकार पर नौकरशाही हावी है ।मंत्री निस्सहाय और निष्प्रभावी हैं।मंत्रियों के आदेश की नोट शीट आदेश जारी होने के पहले ही लीक हो रही हैं। ये घटनायें चिंतनीय हैं और सिद्ध करतीं हैं कि जैसा मुख्यमंत्री ने कहा था सरकार भटे के भाव आ चुकी है। प्रदेश के 8 करोड़ लोग जानना चाहते हैं सरकार कहां है?सरकार को सफाई देना चाहिये कि जब मुख्यमंत्री के स्वेच्छानुदान की राशि ही नहीं बंट पा रहा है तो बाकी घोषणायें कितनी सच्ची होंगीं ? यह पूरा प्रदेश समझ गया है।




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