कमलनाथ की आदिवासी अधिकार यात्रा ‘धोखा यात्रा’ : शर्मा

कांग्रेस की 15 माह की सरकार को देश और समाज के सभी वर्गों ने देखा है। कमलनाथ ने किसानों, अनुसूचित जाति, जनजाति से लेकर हर वर्ग को धोखा दिया। आज कमलनाथ आदिवासी जनअधिकार यात्रा निकाल रहे हैं, वह केवल ‘धोखा यात्रा’ है। क्योंकि कमलनाथ जब मुख्यमंत्री थे तब उन्होंने आदिवासियों के हक और अधिकार को लूटने का काम किया। आदिवासियों के अधिकार को लूटने वालों को यात्रा निकालने का कोई अधिकार नहीं है। यह बात भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष व सांसद श्री विष्णुदत्त शर्मा ने प्रदेश कार्यालय में मीडिया से चर्चा करते हुए कही। प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ की जनअधिकार यात्रा सिर्फ नौटंकी है।

कमलनाथ बताएं कि उन्होंने आदिवासी सहरिया माताओं, बहनों का हक क्यों छीना ?

                प्रदेश अध्यक्ष श्री शर्मा ने पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ से प्रश्न करते हुए कहा कि कमलनाथ ने यह बताएं कि भाजपा सरकार में सहरिया, बेगा और भारिया जाति की महिलाओं को पोषण के लिए मिलने वाली 1 हजार रूपए प्रतिमाह की राशि को निर्मम तरीके से क्यों बंद कर दिया था ? उन्होंने सहरिया माताओं, बहनों से उनका हक और अधिकार क्यों छीना ? कमलनाथ यह बताएं कि उन्होंने कन्यादान योजना को बंद करके गरीब आदिवासियों की बेटियों को क्यों धोखा दिया था ? कमलनाथ बताएं कि उन्होंने पं. दीनदयाल उपचार योजना पर डाका डालकर उनकी सरकार ने गरीब आदिवासियों को मरने के लिए क्यों छोड़ दिया था। कमलनाथ यह भी बताएं कि उन्होंने आदिवासियों को हक देने वाली संबल योजना बंद करके 15 महीने तक आदिवासियों को गरीबी से जूझने के लिए मजबूर क्यों किया ? कमलनाथ बताएं कि उन्होंने भाजपा सरकार में शुरू की गयी जनकल्याणकारी योजनाएं क्यों बंद की ? उन्हें यह भी बताना चाहिए कि जब वे मुख्यमंत्री थे तब उन्हें अलीराजपुर, झाबुआ, मंडला आदिवासी अंचल याद क्यों नहीं आए ?

कांग्रेस ने जनजाति नेताओं को नेतृत्व करने का अवसर नहीं दिया

                श्री शर्मा ने कहा कि कांग्रेस की हमेशा यह नीति रही है कि फूट डालो और राज करो। कांग्रेस ने हमेशा आदिवासियों को नेतृत्व विहीन रखा। उन्हें कभी भी नेतृत्व करने का अवसर नहीं दिया। कमलनाथ स्वयं की सरकार के मंत्री उमंग सिंगार को हमेशा अनसुना कर देते थे। उन्होंने कहा कि भारतीय जनता पार्टी ने जनजाति समाज के कल्याण के लिए नेतृत्व खड़ा किया। मध्यप्रदेश एवं छत्तीसगढ़ के राज्यपाल जनजाति समुदाय से हैं। भाजपा ने सुमेर सिंह सोलंकी जैसे होनहार और विचारवान आदिवासी युवा को राज्यसभा में भेजा। जबकि कांग्रेस ने एक अनुसूचित वर्ग के नेता को दरकिनार करते हुए पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह को राज्यसभा भेजना उचित समझा। उन्होंने कमलनाथ से प्रश्न करते हुए कहा कि जनजाति समाज के किसी भी नेता को मुख्यमंत्री क्यों नहीं बनने दिया ? कांग्रेस ने वर्षों तक राज किया लेकिन इस वर्ग को हमेशा वोट बैंक माना, इसे नेतृत्व करने का अवसर नहीं दिया। 

भाजपा सरकार जनजाति क्षेत्रों के विकास के लिए प्रतिबद्ध

                प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी की सरकार ने हमेशा जनजाति समाज के कल्याण को लेकर चिंतन किया है। हमें गर्व होता है कि देश के तत्कालीन प्रधानमंत्री श्री अटलबिहारी वाजपेयी ने आदिवासियों के समग्र विकास को लेकर प्रथक से जनजातीय मंत्रालय बनाने का निर्णय लिया। अटलजी के इस संकल्प को प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी और मुख्यमंत्री श्री शिवराजसिंह चौहान पूरा कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने जनजाति समाज के 8 सांसदों को केन्द्रीय मंत्री बनाया। मोदी सरकार की प्रधानमंत्री आवास योजना, उज्जवला योजना और आयुष्मान भारत योजना सुदूर आदिवासी अंचल तक पहुंची है। इन योजनाओं से सबसे अधिक जनजाति क्षेत्र के लोग लाभान्वित हुए है। कमलनाथ बताएं कि वर्षों के कांग्रेस शासन में किसी भी आदिवासी को गैस का एक सिलेंडर तक क्यों नहीं दिया गया। आदिवासी घास फूस के झोपड़े में जीवन क्यों जीता रहा ? उन्होंने कहा कि कमलनाथ के पास इनमें से किसी बात का जवाब नहीं है क्योंकि कांग्रेस ने हमेशा से जनजाती समाज को सरेआम धोखा देने का काम किया है। गरीबों के जीवन स्तर को उपर उठाने और जनजाति क्षेत्र के लोगों को उनका हक देने का काम भाजपा सरकार कर रही है।

बिरसामुंडा की जयंती को गौरव दिवस के रूप में मना रही भाजपा

                श्री विष्णुदत्त शर्मा ने कहा कि कांग्रेस ने देश में सालों तक राज किया, लेकिन उन्होंने कभी भी जनजाति समाज के महापुरूषों की चिंता नहीं की। कमलनाथ यह बताएं कि भगवान बिरसा मुंडा, शंकर शाह, रघुनाथ शाह और वीरांगना दुर्गावती उनके जीवन में कोई मायने क्यों नहीं रखते ? कमलनाथ ने सत्ता में रहते हुए इन महापुरूषों के लिए कभी विचार नहीं किया। उन्होंने कहा कि भारतीय जनता पार्टी की प्रदेश सरकार ने यह तय किया कि 15 नवंबर बिरसा मुंडा जयंती को जनजाति समाज का गौरव दिवस मनाया जायेगा और उस दिन अवकाश घोषित करने का काम भी मुख्यमंत्री श्री शिवराजसिंह चौहान ने किया है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस के षडयंत्र हमें भगवान बिरसा मुंडा की जयंती को जनजाति गौरव दिवस के रूप में मनाने से रोक नहीं सकते। 15 नवंबर को भाजपा सरकार बिरसा मुंडा की जयंती भव्य तरीके से मनायेगी। वहीं 18 सितंबर को जबलपुर में वीर शंकरशाह और रघुनाथ शाह की शहादत दिवस पर भारत के गृह मंत्री श्री अमित शाह अभियान की शुरूआत करेंगे। उन्होंने कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ को आदिवासियों की इतनी चिंता है तो वे भी इस कार्यक्रम में शामिल हो और मध्यप्रदेश सरकार द्वारा आदिवासियों के हित में किए जा रहे कामों के सहभागी बनें।

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