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स्वतंत्रता दिवस पर प्रदेश कांग्रेस कार्यालय में हुआ ध्वजारोहण
प्रदेश कांग्रेस उपाध्यक्ष चंद्रप्रभाष शेखर ने आज प्रदेश कांग्रेस कार्यालय में ध्वजारोहण किया, राष्ट्रीय ध्वज तिरंगे को सलामी दी। इस अवसर पर विजयगीत ‘विजय विश्व तिरंगा प्यारा’ और राष्ट्र-गान ‘जन-गण-मन’ का गायन हुआ। प्रदेश कांगे्रस अध्यक्ष श्री कमलनाथ जी का प्रदेश के नागरिकों, कांग्रेसजनों के नाम संदेश का वाचन किया। कार्यक्रम के पश्चात मिष्ठान का वितरण किया गया। स्वतंत्रता आंदोलन में शहीद सैनानियों को नमन किया गया करते हुए प्रदेश की जनता को स्वतंत्रता दिवस की हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दी।
इस अवसर पर प्रदेश कांगे्रस अध्यक्ष कमलनाथ जी के संदेश का वाचन करते हुए श्री शेखर ने कहा कि राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के विचार आज पूरी दुनिया में नजीर बने हुए है। परंतु देश की आजादी की लड़ाई में जिनका कहीं नामोनिशान नहीं है, भारत को राष्ट्र बनाने में जिनका कोई योगदान नहीं है, वे आज देश को आजादी और राष्ट्रवाद की परिभाषा सिखाने निकले हुये हैं।
श्री नाथ ने अपने संदेश में कहा कि आज नई पीढ़ी को बताना चाहता हूं कि अनगिनत स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों जैसे पंडित जवाहर लाल नेहरू, सुभाषचंद्र बोस, सरदार पटेल, बाल गंगाधर तिलक, लाला लाजपत राय, विपिन चंद्र पाल, पं. मोतीलाल नेहरू, डाॅ. राम मनोहर लोहिया, मौलाना अबुल कलाम आजाद, बाबू जगजीवन राम, लाल बहादुर शास्त्री, डाॅ. भीमराव अम्बेडकर, सरोजनी नायडू, आचार्य कृपलानी जैसे महान नेताओं ने अहिंसा के मार्ग पर चलकर एक क्रूर शासन को परास्त करने के लिए भारत की आजादी की लड़ाई लड़ी थी। सरदार भगतसिंह, चंद्रशेखर आजाद ,रामप्रसाद बिसमिल, राजगुरू, रानी लक्ष्मी बाई, रानी दुर्गावती, टंट्या भील, बिरसा मुंडा जैसे क्रांतिकारियों की कुर्बानी को भुलाया नहीं जा सकता। स्वर्गीय श्रीमती इंदिरा गांधी और स्व. श्री राजीव गांधी का बलिदान देश के नव-निर्माण में अनुकरणीय है।
पं. जवाहर लाल नेहरू ने इतनी विभिन्नताओं और अनेकताओं के बीच भारत को एकजुट कर एक झंडे के नीचे ला खड़ा किया, हमें भारत की इस मजबूत नींच पर गर्व हैं, हमारी एकता और अखण्डता पर गर्व है। पंडित नेहरू ने जमीदारी प्रथा को समाप्त कर किसानांे को उनकी जमीनों का मालिकाना हक दिलाया। उनके समय में देश में हजारों छोडे बड़े बांध बने, एम्स, आईआईटी, जैसी शैक्षणिक संस्थाएं बनी, परमाणु रिसर्च सेंटर और लड़ाकू जहाज के अलावा नवरत्न कंपनियां उन्हीं के समय से आज भी देश में खड़ी हुई हैं। प्रदेश में बीएचईएल भी उन्हीं की देन हैं। देश के दूसरे प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री ने जय जवान-जय किसान का नारा दिया और किसानों को प्रेरित कर देश को खाद्यान्न में आत्मनिर्भर बनाया। प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने हरित क्रांति और श्वेत क्रांति से देश को आत्मनिर्भर बनाने में महती भूमिका निभाई। राजीव गांधी जी ने कम्प्यूटर युग और आधुनिकता से भारत का परिचय कराया और 21 वीं सदी के नये भारत की नींव डाली।
श्री नाथ ने अपने संदेश में कहा कि हमारी सरकार में हमने 27 लाख किसानांें की कर्जमाफी की। हजारों गौशालाओं का निर्माण कराया, 100 रू. 100 यूनिट बिजली दी, शुद्ध के लिए युद्ध अभियान चलाया, माफिया मुक्त प्रदेश अभियान चलाया, प्रदेश में आर्थिक गतिविधि के लिए निवेश पर काम किया।
प्रदेश पर खतरे के बादल मंडरा रहे हैं ओबीसी आरक्षण। हमने ओबीसी आरक्षण को 14 से बढ़ाकर 27 प्रतिशत किया था। मध्यप्रदेश के आर्थिक रूप से कमजोर सामान्य वर्ग को भी 10 प्रतिशत आरक्षण दिया था। समतामूलक समाज के निर्माण की और हमारी सरकार बढ़ रही थी। अजा अजजा को सशक्त करने के लिए कदम उठाये। आदिवासी वर्ग के लिए सामाजिक संस्कार कार्यक्रम चलाये, विधवा पेंशन बढ़ाई, कन्या विवाह के लिये 51 हजार रूपय किये, ऊॅं सर्किट योजना को मंजूरी देकर काम शुरू किया। सीता माता मंदिर निर्माण की शुरूआत की। पुजारियों का मानदेय बढ़ाकर तीन गुना किया, मेट्रो रेल परियोजना, युवाओं को रोजगार में 70 प्रतिशत आरक्षण और कर्मचारी हितैषी अनेकांे फैसले लिये ओर उन्हें पूरा करने की दिशा में तेजी से कदम बढ़ाया। प्रदेश की सुनहरी तस्वी से माफिया, गुंडे, भ्रष्टाचारी और दलाल भयभीत हो गए। इन सबने मिलकर कुचक्र रचा औरे जनादेश से चुनी हुई सरकार को सौदेबाजी कर गिरा दिया और मप्र के नवनिर्माण का सफर अधूरा रह गया।
आज देश नई चुनौतियों से घिरा हुआ है। देश का हर वर्ग परेशान है। नौजवान भटक रहा है, किसान पीड़ित है, व्यापरी शोषित है, बेटियां असुरक्षित हैं और निम्न और मध्यम वर्ग महंगाई की मार झेल रहा है। आर्थिक गतिविधियां ठप्प हो चुकी है। कोरोना से निपटने की कुव्यवस्था के कारण कोरोना महामारी में देश-प्रदेश में बहुत तबाही हुई। कई बच्चे अनाथ हो गये, कई माताओं की गोद सूनी हो गई। करोड़ो लोगांे का व्यापार छिन गया। गरीब को दो वक्त की रोटी के लाले पड़ गये। कोरोना की दूसरी लहर के दौरान अस्पताल में बेड, आक्सीजन, इंजेक्शन और दवाओं की जमकर कालाबाजार हुई। इस दौर में हर वर्ग पीड़ित हुआ और सरकार ने महंगाई बढ़ाकर उसकी पीड़ाओं में ओर इजाफा किया। आज पेट्रोल-डीजल, रसोई गैस, खाद्य सामग्रियों के दाम आसमान छू रहे हैं। जनता महंगाई से त्राहि-त्राहि कर रही है और सरकार खजाना भर रही है।
नाथ ने कहा विगत दिनों प्रदेश में हुई अतिवृष्टि, बाढ़ की आपदा से प्रभावित परिवारों के प्रति कांगे्रस पार्टी पूर्ण सहानुभूति रखती है। कांगे्रसजन आमजनों को राहत पहुंचाने में मदद कर रहे हैं, मेरी कामना है आमजन का जीवन शीघ्र ही सुचारू को सके।
उन्होंने कहा कि आज आवश्यकता है कि हमारा देश महंगाई के खिलाफ लड़े, बेरोजगारी से लड़े, किसानों को सक्षम बनाने के लिए लड़े, महिलाओं की सुरक्षा और सम्मान के लिए लड़े, व्यापारियों को व्यापार के अवसर देने के लिए लड़े। ये सभी चुनौतियां आज देश के सामने हैं।
आजादी के इस पावन पर्व पर आइये हम संकल्प लंे कि हम सच्चाई को पहचानेंगे, सच्चाई को अपनाएंगे और सच्चाई का साथ देंगे। नए मप्र के निर्माण का जो सपना मैंने और आपने देखा था उस सपने को पूरा करने के संकल्प को आज मैं फिर दोहराता हूं। हम सब मिलकर मध्यप्रदेश की नई पहचान जरूर बनाय
इस अवसर पर कांग्रेस पदाधिकारीगण सर्वश्री पूर्व केंद्रीय सुरेश पचैरी, पूर्व मंत्री पी.सी. शर्मा, कांग्रेस पदाधिकारीगण प्रकाश जैन, राजीव सिंह, डाॅ. महेन्द्र सिंह चैहान, दीपचंद यादव, आभा सिंह, भूपेन्द्र गुप्ता, के.के. मिश्रा, रवि सक्सेना, जे.पी. धनोपिया, विभा पटेल, अभय तिवारी, कैलाश मिश्रा, आसिफ जकी, गोविंद गोयल, आनंद तारण, जितेन्द्र मिश्रा, राजकुमार सिंह, फिरोज सिद्धीकी, स्वदेश शर्मा, अजयसिंह यादव, शहरयार खान, अब्बास हाफिज, अवनीश बुंदेला, राजेन्द्र बब्बर, जितेन्द्र सिंह बघेल, मुईनउद्दीन सिद्धीकी, निहाल अहमद, गन्नू तिवारी, महेश मालवीय, राजकुमारी उपाध्याय, प्रतिभा विक्टर, राहुल राठौर, चंद्रा सरवटे, नमिता गौर, रईसा मलिक, रामशरणसिंह राणा सहित बड़ी संख्या में पदाधिकारी, कार्यकर्ता एवं नागरिक उपस्थित थे।




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