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विविध कलानुशासनों की गतिविधियों का ऑनलाइन प्रदर्शन
बहुविध कलानुशासनों की गतिविधियों पर एकाग्र श्रृंखला ‘गमक’ का ऑनलाइन प्रसारण सोशल मीडिया प्लेटफोर्म पर किया जा रहा है| श्रृंखला अंतर्गत आज भोजपुरी साहित्य अकादमी की ओर से श्री विनोद मिश्र, सतना द्वारा ‘ठुमरी गायन’ एवं सुश्री संयुक्ता शर्मा, सतना द्वारा ठुमरी गायन आधारित ‘कथक’ नृत्य की प्रस्तुति हुई जिसका प्रसारण विभाग के यूट्यूब चैनल- https://youtu.be/f_eF2VYdWY4 और फेसबुक पेज- https://www.facebook.com/events/4152821294844543/?sfnsn=wiwspwa पर लाइव प्रसारित किया गया|
प्रस्तुति की शुरुआत श्री विनोद मिश्र द्वारा ‘ठुमरी गायन’ से हुई जिसमें सर्व प्रथम राग-पीलू पर आधारित ठुमरी- तुम राधे बनो श्याम उसके बाद राग पहाड़ी पर आधारित ठुमरी- सैयाँ बिना घर सूना तथा राग मिश्र भैरवी पर आधारित ठुमरी- साजन मोरा छोड़ गयो राम की मनोहारी प्रस्तुति दी ।
प्रस्तुति में श्री विनोद मिश्र के साथ गायन में तबले पर- श्री रामानन्द तिवारी, हारमोनियम पर- श्री आयुष मिश्रा एवं सह गायक के रूप में सुश्री ऋचा पाण्डेय ने संगत दी|
ठुमरी आधारित कथक नृत्य में सुश्री संयुक्ता शर्मा द्वारा सर्वप्रथम राग तिलक कामोद आधारित- नीर भरन कैसे जाऊ सखी अब, राग बिहारी पर आधारित- कैसे गुजारूं सारी रैन एवं परम्परागत कजरी- सवन झर लागी, ला धीरे धीरे पर प्रस्तुति दी ।
श्री विनोद मिश्र ने संगीत की प्राथमिक शिक्षा पिता श्री पी. पी. मिश्रा से प्राप्त की तत्पश्चात् बनारस की डा. जयश्री मिश्रा एवं रीवा के राजकिशोर मिश्रा जी से संगीत की विधिवत शिक्षा ग्रहण की । संगीत से एम.ए. करने के पश्चात् राष्ट्रीय स्कॉलर शिप के अंतर्गत विश्वप्रसिद्ध ध्रुपदगायक उस्ताद जियाफरीदुद्दीन डागर साहब से ध्रुपद गायन की विधिवत शिक्षा ध्रुपद केन्द्र भोपाल में प्राप्त की, वर्तमान में अंतर्राष्ट्रीय गायक पं. अजय पोहनकर जी से खयाल एवं ठुमरी गायन की विधिवत शिक्षा प्राप्त कर रहे हैं।
आपको अंतर्विश्वविद्यालयीन युवा उत्सव में राज्य का प्रथम पुरूस्कार एवं ध्रुपद गायन के लिए राष्ट्रीय स्कॉलरशिप प्राप्त हो चुकी है । आप देश के अनेक सम्मानित मंचो में सफल प्रस्तुति दी चुके है ।
वर्तमान में आप तानसेन संगीत कला केन्द्र सतना में विद्यार्थियों को संगीत की विधिवत शिक्षा प्रदान कर रहे हैं। आप ख्याल, ठुमरी, तथा भजन शैली के स्थापित कलाकार हैं।




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