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अरूणा सक्सेना इंडियन सोसायटी ऑफ रिमोट सेंसिंग की मप्र चैप्टर अध्यक्ष नामित
इंडियन सोसाइटी ऑफ रिमोट सेंसिंग (आईएसआरएस) के 9 सदस्यीय मध्यप्रदेश चैप्टर की नवनियुक्त अध्यक्षा डॉ. अरूणा सक्सेना ने विधिवत अपना पदभार ग्रहण कर लिया। वे इस पद के लिए आगामी 2 वर्षो के लिए नामित की गई हैं।
इंडियन स्पेस रिसर्च ऑर्गेनाइजेशन से संबद्ध आईएसआरएस अंतरिक्ष विज्ञान व रिमोट सेंसिंग के जरिये देष के प्राकृतिक संसाधनों की मैपिंग, प्लानिंग व मैनेजमेंट का कार्य करता है। विभिन्न शैक्षिक योग्यताओं के साथ साथ डॉ. अरूणा ने वर्ष 2006 में इंटरनेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ एयरोस्पेस सर्वे एंड अर्थ साइंसेज (आईटीसी), एनस्किडे, नीदरलैंड से एडवांस रिमोट सेंसिंग और जीआईएस में विशेषज्ञता हासिल की है।
पदभार ग्रहण करने के बाद अपनी प्राथमिकताओं के बारे में चर्चा करते हुए उन्होंने बताया कि केन्द्र सरकार ने इस वर्ष को आजादी के 75वीं वर्षगांठ के उपलक्ष्य में विज्ञान एवं तकनीक वर्ष घोषित किया है अतएव वे इस दौरान पूरे प्रदेश में अपनी टीम के साथ अंतरिक्ष विज्ञान व रिमोट सेंसिंग को लेकर विभिन्न नेशनल व इंटरनेशनल वेबीनार व कार्यशाला का आयोजन करेंगी ताकि इस क्षेत्र को बल मिल सके। इसकी ष्षुरूआत 12 से 17 अगस्त तक मनाये जाने वाले रिमोट सेंसिंग सप्ताह के दौरान एक नेशनल लेवल का वेबीनार आयोजित कर की जाएगी। इस वेबीनार में इस क्षेत्र के जाने माने विषेषज्ञों को आमंत्रित किया जायेगा। साथ ही वे आने वाले समय में मध्यप्रदेष की विज्ञान एवं तकनीक के क्षेत्र में कार्यरत निजी व शसकीय संस्थाओं ने आईएसआरएस के साथ नेशनल लेवल पर जोड़ने का काम भी करेंगी।
डॉ. अरूणा सक्सेना को बतौर मैनिट, भोपाल की ट्रेनिंग एंड प्लेसमेंट ऑफिसर हैं 21 वर्षों से अधिक का अकादमिक अनुभव प्राप्त है। आपने 14 अनुसंधान परियोजनाओं और विभिन्न परामर्श परियोजनाओं पर सफलतापूर्वक कार्य किया है और वे विभिन्न तकनीकी समितियों की आजीवन सदस्य हैं।
डॉ. अरुणा ने 1992 में बी.ऑर्क (आर्किटेक्चर) और 1994 में स्कूल ऑफ प्लानिंग एंड आर्किटेक्चर, नई दिल्ली से एमयूपी (अर्बन प्लानिंग) की गोल्ड मेडल के साथ डिग्री हासिल की है। वहीं 1998 में मौलाना आजाद कॉलेज ऑफ टेक्नोलॉजी भोपाल में आर्किटेक्चर एंड प्लानिंग विभाग में व्याख्याता के रूप में शामिल हुईं। इसके बाद 2002 में रिमोट सेंसिंग और जीआईएस प्रौद्योगिकी का वास्तुकला में उपयोग पर पीएचडी की।




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